कोटा नगर निगम में ऑफिस के लिए कमरों को लेकर सियासी घमासान अब खत्म होने जा रहा है। निगम में ऑफिस के लिए कमरों का सियासी रिअलॉटमेंट हो गया है। डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी को निगम की पहली मंजिल पर पूर्व आयुक्त का ऑफिस दिया जा रहा है। इसका काम शुरू करवा दिया गया है। वे अब निगम मुख्यालय के पहली मंजिल स्थित कमरा नंबर 201 (कोटा उत्तर आयुक्त वाला ) में बैठेंगे। बता दें कि विवेक राजवंशी को पूर्व मेयर का ऑफिस पसंद नहीं आया था। इसके बाद से वे अलॉटमेंट को लेकर नाराज चल रहे थे। कमरे का ताला नहीं खुलने पर नाराज हुए थे डिप्टी मेयर महापौर व उप महापौर चुनाव के बाद निगम प्रशासन ने दोनों जनप्रतिनिधियों के लिए ऑफिस तय किए थे। महापौर के लिए कोटा उत्तर महापौर का पूर्व निर्धारित ऑफिस तैयार किया गया, जहां उन्होंने पहले ही दिन से काम शुरू कर दिया। दूसरी ओर, उप महापौर विवेक राजवंशी को कोटा दक्षिण के पूर्व महापौर वाला कमरा आवंटित किया गया था। चुनाव जीतने के बाद पहले दिन उन्होंने उसी कमरे में पदभार ग्रहण कर लिया लेकिन अगले दिन जब वे पहुंचे तो कमरे का ताला तक नहीं खुला था। उनके अनुसार ऑफिस भी छोटा था और काम भी बाकी था। इस अव्यवस्था से नाराज होकर उप महापौर ने उस कमरे में बैठने से मना कर दिया। इसके बाद वे ए-ब्लॉक में गार्डन की तरफ स्थित अपने पूर्व नेता प्रतिपक्ष वाले पुराने ऑफिस में बैठ रहे थे। (पढ़िए पूरी खबर) डिप्टी मेयर के लिए ऐसे तय हुआ कमरा नंबर 201 का रास्ता उप महापौर राजवंशी ने कोटा उत्तर आयुक्त वाले कमरा नंबर 201 में बैठने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उस समय उस ऑफिस में उपायुक्त का प्रभार संभाल रहीं ट्रेनी आईएएस सृष्टि डबास बैठ रही थीं। हाल ही में सृष्टि डबास का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे दूसरे विभाग में स्थानांतरित हो गईं, जिससे यह कक्ष खाली हो गया। अब इस ऑफिस को उप महापौर के लिए नए सिरे से तैयार किया जा रहा है और वे जल्द ही इसमें शिफ्ट होंगे। यह ऑफिस महापौर ऑफिस के ठीक ऊपर पहली मंजिल पर स्थित है। ट्रेनी आईएएस को मिला पूर्व कोटा दक्षिण महापौर का ऑफिस इधर, निगम प्रशासनिक व्यवस्था में नए बदलाव के तहत पदस्थापित ट्रेनी आईएएस उत्कर्ष यादव को नगर निगम में उपायुक्त का पद सौंपा गया है। उनके बैठने के लिए कोटा दक्षिण के तत्कालीन महापौर वाला कमरा आवंटित किया गया है।