राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 के प्रारूप पर सुझाव लेने के लिए कोटा संभाग की जनसुनवाई 8 जुलाई को होगी। कोटा में प्रारूप समिति के सदस्य रामस्वरूप अग्रवाल की अध्यक्षता में ये जनसुनवाई जिला परिषद सभागार में होगी। पैनल में संभागीय आयुक्त, कलेक्टर सहित अलग-अलग विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विधायक, जिला प्रमुख, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, गैर-सरकारी संगठनों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, विधिवेत्ताओं और शिक्षाविदों से सुझाव लिए जाएंगे। जनसुनवाई में शामिल नहीं हो पाने वाले नागरिक ऑनलाइन भी अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद क्यूआर कोड या पोर्टल के माध्यम से सुझाव दर्ज किए जा सकते हैं। कोटा जिले के प्रतिनिधि जिला परिषद सभागार में उपस्थित होकर अपने सुझाव देंगे, जबकि बूंदी, बारां और झालावाड़ के प्रतिनिधि अपने-अपने जिला मुख्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों की जनसुनवाई होगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक कोटा, 3 से 4 बजे तक बूंदी, 4 से 5 बजे तक बारां और 5 से 6 बजे तक झालावाड़ जिले के नागरिक अपने सुझाव दे सकेंगे। कोटा के नागरिक जिला परिषद सभागार में उपस्थित होकर व अन्य तीन जिलों के नागरिक संबंधित जिला मुख्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही महिलाओं को संपत्ति, उत्तराधिकार और विवाह संबंधी मामलों में समान अधिकार प्रदान करना, न्याय प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना तथा राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।