कोटा में डीजल खत्म होने पर एक ट्रैक्टर ड्राइवर ने उसे सड़क किनारे खड़ा कर दिया। कुछ देर बाद वहां से गुजरे वन विभाग ने इसे जब्त कर लिया। इस पर विवाद हो गया। मामला कैथून थाना क्षेत्र के कोटा बाइपास नहर रोड का मंगलवार दोपहर का है। पत्थरों से भरे एक ट्रैक्टर में डीजल खत्म होने के कारण सड़क किनारे खड़ा था। मौके पर पहुंचे वन विभाग के गार्डों ने ट्रैक्टर जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में वन विभाग और ट्रैक्टर ड्राइवर के बीच विवाद हो गया। ट्रैक्टर मालिक और पत्थर खान लीज धारक सुनील गुर्जर ने आरोप लगाया- ट्रैक्टर के सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, जिनमें तोल कांटा पर्ची और रवन्ना शामिल था। इसके बावजूद वन विभाग के गार्डों ने कागजात को फर्जी बताते हुए ड्राइवर का मोबाइल और दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। सुनील ने आरोप लगाया- उससे 15 हजार रुपए की अवैध वसूली की मांग की। वहीं वन विभाग ने कहा- मौके पर कोई कागज नहीं दिखाया गया था। रुपए देने से इनकार करने पर जब्त किया ट्रैक्टर सुनील गुर्जर के अनुसार- मौके पर मौजूद गार्ड तेजपाल गुर्जर ने अन्य गार्डों साजिद अली और मलखान अली को बुलाया। वहीं मुझसे 15 हजार रुपए की अवैध वसूली की मांग की। उन्होंने बताया- जब उन्होंने रुपए देने से इनकार किया तो गार्डों ने राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कर ट्रैक्टर जब्त करने की चेतावनी दी। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी ट्रैक्टर में डीजल डालकर उसे अपने साथ ले जाने लगे। ट्रैक्टर मालिक ने पुलिस में दी लिखित शिकायत मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कैथून थाना ले जाया गया। वहां ट्रैक्टर मालिक ने वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन अवैध वसूली स्वीकार नहीं की जाएगी। वन विभाग ने कहा- ड्राइवर ने नहीं दिखाए दस्तावेज वन विभाग के रेंजर इंद्रेश यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा- टीम जब मौके पर पहुंची, तब ट्रैक्टर ड्राइवर के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने बताया कि मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई थी। इसके चलते अतिरिक्त स्टाफ बुलाना पड़ा और मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। इस संबंध में कैथून थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया- दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।