कोटा में मादक पदार्थ तस्करी के करीब 6 साल पुराने मामले में विशिष्ट न्यायालय (NDPS कोर्ट) ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रामपाल जाट ने गांजा तस्करी के दोषी दीपक को 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जज ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा- अवैध मादक पदार्थ की तस्करी राष्ट्र व युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए खतरनाक है। विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र सिंह निर्भय ने बताया- दोषी दीपक बारां के नारेड़ा का रहने वाला है, जो वर्तमान में महावीर नगर विस्तार योजना, कोटा में रह रहा है। 1 जून 2020 को उद्योग नगर थाना पुलिस द्वारा भामाशाह मंडी रोड पुलिया (प्रेम नगर इलाका) में नाकाबंदी की गई थी। उसी दौरान एक संदिग्ध युवक को डिटेन किया गया, जिसके पास एक प्लास्टिक का बैग था। 8 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद बैग की तलाशी लेने पर उसमें 8 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसे जब्त कर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपने सह-आरोपी घनश्याम (निवासी किशनपुरा, जिला बारां, हाल प्रेमनगर, कोटा) का नाम बताया। कोर्ट ने तस्कर दीपक को सजा सुनाई जांच के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 67 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए गए। कोर्ट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्र एवं युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक मानते हुए दोषी दीपक को सजा सुनाई। वहीं, सह-आरोपी घनश्याम फिलहाल मफरूर (फरार) चल रहा है।