कोचिंग सिटी कोटा में हॉस्टलों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से मैस संचालन प्रभावित हो रहा है। जिससे हॉस्टलों में रह रहे हजारों विद्यार्थियों की भोजन व्यवस्था संकट में है। जैसे-जैसे बाहर से विद्यार्थी शहर पहुंच रहे हैं, समस्या और गंभीर होती जा रही है। मैस संचालकों का कहना है कि फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडरों और वैकल्पिक इंतजाम से काम चलाया जा रहा है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक संभालना संभव नहीं है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शहर फिर से रौनक पकड़ रहा है और विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसी समय गैस की कमी ने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। पिछले छह दिनों से कमर्शियल सिलेंडरों की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे मैस संचालन संकट में है। सिलेंडर की समस्या को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि लास्ट टाइम 31 मार्च को कुछ हॉस्टल में गैस सप्लाई हुई थी। उसके बाद अभी 6 दिन निकल चुके है। समस्या को लेकर हॉस्टल संचालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग भी की है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि भले ही कोटा बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दिया गया हो, लेकिन वास्तविकता में अब भी पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो सभी हॉस्टल संचालक जिला कलेक्टर कार्यालय पर खाली गैस सिलेंडरों के साथ प्रदर्शन करेंगे। हॉस्टलों पर हजारों विद्यार्थियों की जिम्मेदारी उनका कहना है कि हजारों विद्यार्थियों के भोजन की जिम्मेदारी हॉस्टलों पर है और गैस की कमी से यह व्यवस्था चरमरा रही है। संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि कोटा जैसे कोचिंग हब में हॉस्टलों के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।