कोटा में साइबर जागरूकता अभियान के तहत साइबर लॉ, साइबर सेफ्टी के बारे में जानकारी देने के लिए जिले में 700 सरकारी,प्राइवेट स्कूलो का चयन किया गया जहां जाकर 52 जुडिशल ऑफिसर बच्चों को साइबर लॉ साइबर सेफ्टी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। अभियान के तहत जिला जज सत्यनारायण व्यास सुबह 8 बजे स्वामी विवेकानंद नगर इलाके में मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे उन्होंने स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया, इंटरनेट यूज के उपयोग व बचाव के बारें में जानकारी दी साथ ही कोर्ट वाली दीदी के नाम से स्कूल में बॉक्स रखा गया हैं। उन्होंने कहा आपके फोटो, नाम का दुरूपयोग हो रहा है, आपके नाम से धमकी भरा मैसेज भेज रहा है ये साइबर मिसयूज है। अनजान व्यक्ति परिवार के बारें में जानकरी मांग रहा है ये भी साइबर मिस यूज है हमें इसको पहचनाना है और सतर्क रहना है। सोशल मीडिया पर आपकी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है, कही घूमने जा रहे है और सोशल मीडिया पर सूचना डाल दी पीछे से चोरी हो जाती है। इसलिए निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करनी सोशल मीडिया, इंटरनेट के खतरे भी बहुत है वर्तमान समय में ये एक बहुत बड़ी बीमारी है। उन्होंने कहा कि इसे केवल अपने हित के लिए यूज करें अनजान गेम ना खेले अगर ऐसा कुछ होता है तो तुरंत अपने पेरेंट्स, टीचर को बताए स्कूल में शिकायत बॉक्स में आपकी समस्या लिख कर डाले स्क्रीन शॉट लेकर शिकायत कर भी सकते हो जिला विधिक सेवा प्राधिकारण आपकी सेवा व सुरक्षा के लिए तत्पर है उन्होंने कहा चुप रहने से अपराध बढ़ता है सतर्क रहे जागरूक रहे, मोबाइल के प्रयोग से सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सप्ताह के पहले और तीसरे मंगलवार को बच्चों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए अभियान चलाया है। प्रेम नगर स्थित स्टार पब्लिक स्कूल में महिला जज ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभा आर्या ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चले सत्र में उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और परिचित बनकर ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि किस तरह अपराधी बच्चों को मानसिक रूप से दबाव में लेकर उनसे गलत जानकारी या पैसे हासिल करने की कोशिश करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में एक कंप्लेंट बॉक्स भी रखा गया, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकेंगे। महिला जज दो दिन बाद फिर स्कूल आकर इन शिकायतों को कलेक्ट करेंगी।इसी तरह पूरे कोटा शहर के विभिन्न स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया।