कोटा में लिकर वाइन कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने आबकारी विभाग की बढ़ी हुई पेनल्टी के विरोध में कार्रवाई पर नाराजगी जताई। एसोसिएशन ने अतिरिक्त आबकारी आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की है कि विभाग अपने पूर्व आदेश के अनुसार मार्च में अतिरिक्त उठाई गई शराब का हिसाब अप्रैल-जून की गारंटी में जोड़ने की मांग की। साथ ही पेनल्टी को वापस लेने की भी मांग की। लिकर कॉन्टैक्टर वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष विनोद पारेता ने बताया- आबकारी आयुक्त कार्यालय उदयपुर ने 10 मार्च 2026 को आदेश जारी किया था। इसके अनुसार जिन वाइन की दुकानों ने वर्ष 2025-26 की गारंटी पूरी कर ली थी और मार्च 2026 में न्यूनतम 20 प्रतिशत या उससे अधिक शराब का उठाव किया था। उन्हें उस पर जमा आबकारी ड्यूटी का विभाग के आदेश के अनुसार मार्च के अतिरिक्त शराब उठाव को अप्रैल, मई और जून की गारंटी में जोड़ा जाना था। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि आदेश वापस नहीं लिया तो राजस्थान के सभी शराब ठेकेदार अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, शराब की दुकानें बंद रखेंगे। 150 प्रतिशत की लगाई पेनल्टी जिला अध्यक्ष रविंद्र सिंह सिंटू ने बताया- विभाग के लिखित आदेश का पालन करने के बावजूद मार्च में अतिरिक्त शराब उठाने का लाभ ठेकेदारों को नहीं दिया गया। इसके विपरीत ठेकेदारों पर 150 प्रतिशत तक की पेनल्टी लगाई जा रही है। इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंदोलन की दी चेतावनी संभागीय अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ ने बताया- हम पहले से ही टेट्रा पैक की अनिवार्यता समाप्त करने, दुकानों का समय बढ़ाने और पूर्व में लगाई गई पेनल्टी वापस लेने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अपने आदेश के अनुरूप अतिरिक्त गारंटी का समायोजन कर पेनल्टी वापस नहीं ली तो राजस्थान के सभी शराब ठेकेदार अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, शराब की दुकानें बंद रखेंगे। साथ ही अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री तक विरोध दर्ज कराएंगे। इस मौके पर विनोद झामनानी, बलवेंदर सिंह चावला, रामकल्याण नागर, कन्हैया लाल सुमन मौजूद रहे।