कोटा में निजी स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। नयापुरा चौराहे और अग्रसेन चौराहे पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे पर संचालित निजी बसों की सघन जांच की। इस दौरान कई बसों को रुकवाकर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई। जांच के दौरान बाबू ट्रैवल्स, शताब्दी ट्रैवल्स और सिमरन ट्रैवल्स सहित कई निजी स्लीपर बसों को रोका गया। जिन बसों में इमरजेंसी गेट को मॉडिफाई कर बंद किया गया था या उसके पास सीट और बर्थ बनाकर रास्ता बाधित किया गया था, उन्हें डिटेन कर उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर शताब्दी ट्रैवल्स की बस को सीज भी किया गया। जिन बसों में इमरजेंसी गेट को मॉडिफाई कर बंद किया गया था या उसके पास सीट और बर्थ बनाकर रास्ता बाधित किया गया था, डिटेन कर उन पर चालान की कार्रवाई की गई। गंभीर अनियमितता मिलने पर शताब्दी ट्रेवल्स की बस कों सीज भी किया गया। फलोदी में हुए बस हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने कड़ा रुख अपनाया है। रालसा द्वारा प्रदेश के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए पुलिस और परिवहन विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है और बसों की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं। इमरजेंसी गेट पूरी तरह कार्यशील है या नहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गीता चौधरी ने बताया कि फलोदी हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में हाईवे पर चलने वाली बसों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। कोटा में अभियान चलाकर यह देखा जा रहा है कि इमरजेंसी गेट पूरी तरह कार्यशील है या नहीं। टीम गेट खोलकर उसकी जांच कर रही है, साथ ही बस की लंबाई-चौड़ाई मापकर यह भी देखा जा रहा है कि कहीं बॉडी में अवैध बदलाव तो नहीं किया गया। किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा जांच के दौरान फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, लगेज क्षमता और सीटिंग व स्लीपर बर्थ की निर्धारित संख्या का भी सत्यापन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।