कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत मामले में कॉलेज प्रशासन ने दो डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ एक्शन लिया है। सरकार के निर्देश पर एक डॉक्टर की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई हैं और एक डॉक्टर व दो नर्सिंग कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। कॉलेज प्रशासन ने ये आदेश शुक्रवार देर रात जारी किए। आदेश के अनुसार ऑपरेटिंग सर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर गायनेकोलॉजी डॉक्टर श्रद्धा की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई हैं। वहीं इमरजेंसी ओटी के ऑफिसर इंचार्ज एसोसिएट प्रोफेसर सर्जरी डॉक्टर नवनीत शर्मा, ऑपरेशन थिएटर की सिस्टर इंचार्ज गुरजीत कौर, और लेबर रूम की सिस्टर इंचार्ज निमेश वर्मा को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के गायनिक विभाग में सिजेरियन ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई और चार अन्य की हालत गंभीर स्थिति में पहुंच गई। 2 महिलाओं की मौत के बाद स्टाफ मामले को दबाने की कोशिश में लगा था। शुक्रवार को भी दो और मामले सामने आए नए अस्पताल के सिजेरियन प्रकरण के बाद शुक्रवार शाम को भी किडनी फेलियर के दो नए मामले सामने आया। शिवपुरा निवासी शिरीन (20) पत्नी मोहम्मद आसू और कसार निवासी किरण (26) पत्नी सोनू यादव की तबीयत बिगड़ गई। किरण की हालत गंभीर है। अब दोनों का प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। नए अस्पताल के गायनिक वार्ड में 6 मई को कसार निवासी किरण की सिजेरियन से ही डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के दूसरे दिन 7 मई को उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 7 मई को उसका यूरिन आउटपुट बंद हो गया। जब देर रात मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो उसे प्रॉपर इलाज देने, एसएसबी ब्लॉक शिफ्ट करने के बजाय डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि इसे प्राइवेट अस्पताल ले जाओ, हमारे बस की बात नहीं है। इसके बाद परिजन उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां मरीज का डायलिसिस किया गया। 2 की हालत अब भी गंभीर सिजेरियन डिलीवरी के बाद शुरुआत में कुल 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी थी। जिनका 4 मई को ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में लाए जाने के कुछ घंटे बाद इनका यूरिन आउटपुट बंद हो गया और किडनी फेल हो गई। इसके बाद दो महिलाओं पायल और ज्योति की मौत हो गई। चार अभी भी नेफ्रोलॉजी के आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें धन्नी बाई और रागिनी की हालत ज्याद गंभीर है। इससे पहले न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 प्रसुताओं की तबीयत बिगड़ी थी। जिनमें से 2 महिलाओं की मौत हो चुकी। न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में पिछले 4 दिन में कुल 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ चुकी है। हैरानी की बात ये है कि 6 महिलओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने के बाद भी किरण और शिरीन को उसी EOT (इमरजेंसी ओटी) में ऑपरेट (सर्जरी) किया गया। इधर चार दिन बाद भी जांच टीम महिलाओं की तबियत बिगड़ने के कारणों का पता नहीं लगा पाई। पहले जानिए क्या है मामला 3 मई को सिजेरियन के बाद शाम 5.40 बजे सुशीला, 4 मई की तड़के साढ़े 3 बजे चन्द्रकला, सुबह 11.43 बजे रागिनी, दोपहर 12. 58 बजे पायल, दोपहर 1.35 बजे ज्योति, दोपहर 4.03 बजे धन्नी को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती किया था। 4 मई की रात 12 बजे के आसपास सबसे पहले पायल की तबीयत बिगड़ी थी। उसके बाद 5 अन्य प्रसूताओं की तबीयत विगड़ी थी। 48 घंटे में पायल व ज्योति ने दम तोड़ दिया था। सभी के एक जैसे कॉम्प्लिकेशन हुए। पायल, ज्योति, सुशीला, चंद्रकला, रागिनी, धन्नी की पहले तबीयत बिगड़ी शुक्रवार को किरण और शिरीन की तबीयत बिगड़ी। कांग्रेस की टीम करेगी निरीक्षण प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से इस मामले को लेकर एक टीम गठित की गई है। जिसमें पूर्व मंत्री प्रसादी लाल मीणा, विधायक डूंगर राम, प्रभारी महासचिव पुष्पेंद्र भारद्वाज, डॉ. विकास महला को शामिल किया गया है। यह शनिवार को अस्पताल में निरीक्षण करेंगे। टीम की ओर से रिपोर्ट तैयार कर तीन दिन में कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।