कोटा जिले की 5 निकायों में से 4 निकाय सांगोद, रामगंजमंडी, सुल्तानपुर, इटावा में आज अध्यक्ष का फैसला होगा। सुबह 10 बजे से अध्यक्ष की कुर्सी के लिए वोटिंग होगी। 35 वार्ड वाली इटावा नगर पालिका में अध्यक्ष का फैसला निर्दलीय करेंगे। जबकि सांगोद, रामगंजमंडी, सुल्तानपुर में भाजपा की राह आसान है। तीनों नगर पालिका में भाजपा के पास बहुमत का जरूरी आंकड़ा है। दोनों दल क्रॉस वोटिंग को लेकर सतर्क है। 40 वार्ड वाली रामगंजमंडी पालिका में 24 सीटें जीतकर भाजपा ने बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 14 सीटें मिली है, जबकि दो निर्दलीय जीतकर पार्षद बने हैं। भाजपा ने अध्यक्ष के लिए नरेंद्र काला को अधिकृत प्रत्याशी बनाया, जबकि कांग्रेस से पवन बाबेल चुनावी मैदान में है। रिजल्ट आने के बाद से ही भाजपा ने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर दी थी। पार्षदों को झांसी ले जाया गया। नरेंद्र काला भाजपा जिला देहात उपाध्यक्ष है। कोटा स्टोन एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। जबकि पवन बाबेल कांग्रेस के नगर अध्यक्ष हैं। वार्ड 27 से निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। सांगोद में भाजपा के चंद्रप्रकाश सोनी व कांग्रेस के बृजमोहन रेगर के बीच मुकाबला है। 35 वार्ड वाली सांगोद नगर पालिका में भाजपा के 20, कांग्रेस के 11 व 4 निर्दलीय जीत कर पार्षद बने। चार निर्दलीय सत्यनारायण, मंजू बाई,चौथमल और निशा ने भी भाजपा को समर्थन दे दिया है। चारों को मिलाकर भाजपा का आंकड़ा अब 24 तक पहुंच चुका है। भाजपा के चंद्र प्रकाश वर्तमान में सांगोद भाजपा मंडल अध्यक्ष भी हैं। पहली बार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के करीबी हैं। इटावा नगर पालिका,निर्दलीय के भरोसे दोनों पार्टी इटावा नगर पालिका में कांग्रेस की तरफ से निकिता पारेता चुनावी मैदान में है भाजपा ने निर्दलीय पार्षद निर्मला नागर पर दांव खेला है। 35 वार्डों वाली इटावा नगरपालिका में कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 14 सीटें मिलीं। 5 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार जीते। अध्यक्ष बनाने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में कांग्रेस के पास बहुमत से दो सीटें कम हैं, जबकि भाजपा को चार पार्षदों का समर्थन चाहिए। यहां दोनों पार्टी निर्दलीय के भरोसे है। सुल्तानपुर नगर पालिका कांग्रेस के मुकेश उदयराज व भाजपा की अनीता मेघवाल के बीच मुकाबला है। सुल्तानपुर नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 13 सीटें, कांग्रेस ने 11 सीटें और एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी ने जीती हैं। अनीता भाजपा की सक्रिय राजनीति में लंबे समय से जुड़ी हुई हैं। अनीता पदाधिकारी भी रह चुकी हैं। सुल्तानपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है।