देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का आयोजन रविवार किया गया। कोटा में 92 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया है। परीक्षा केन्द्र पर स्टूडेंटस सुबह 10 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए। इस दौरान स्टूडेंटस परीक्षा केन्द्र के बाहर बैठकर ही पढ़ाई करते नजर आए। 11 बजते ही स्टूडेंटस की लाइने परीक्षा केन्द्रों पर लगना शुरू हो गई। लड़के-लड़कियों की अलग लाइने बनाकर चैकिंग शुरू की गई। इस दौरान एक स्टूडेंट लास्ट मिनट पर एग्जाम सेंटर पहुंचा, लेकिन आई कार्ड नहीं होने की वजह से परीक्षा में बैठ नहीं सका। वहीं, एक बेटे ने जैसे ही मां के पैर छुए वो रोने लगी। बायोमेट्रिक जांच के बाद एंट्री दी गई स्टूडेंट्स के आईडी कार्ड, फोटो चैक किए गए। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से चैकिंग की गई। फिर बायोमेट्रिक सिस्टम से जांच की गई। इन प्रक्रिया को पूरा करने के बाद स्टूडेंटस को एग्जाम हॉल में जाने की अनुमति दी गई। कोटा के कॉमर्स कॉलेज, मोदी कॉलेज, मोदी स्कूल, महावीर नगर फर्स्ट स्थित सरकारी स्कूल समेत सभी सेंटर्स पर स्टूडेंटस की लाइने लगीं। एंट्री समय दोपहर डेढ़ बजे तक ही मिली। डेढ़ बजने के साथ ही गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान एक छात्र लेट पहुंचा। उस समय एक मिनट बाकि था, लेकिन उसके पास ऑरिजनल आईडी नहीं थी। ऐसे में लास्ट मिनट पहुंचने के बाद भी एग्जाम हॉल में नहीं जा पाया। कई जगह कलावे कटवाए तो कहीं सिर्फ मेटल की जांच इस दौरान स्टूडेंटस के हाथों में पहने कलावे भी कटवाए गए। कई सेंटर्स पर इसे लेकर कोई रोक नहीं थी। सिर्फ मेटल की चीजे अंदर नहीं जाने दी जा रही थी। एक स्टूडेंट की चैन उतरवाई गई। दरअसल, एनटीए की तरफ से धार्मिक चिन्हों को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं है, सिर्फ यह है कि मैटल की चीज अंदर नहीं जाएगी। पैर छूकर लिया आर्शीवाद, पेरेंटस रहे चिंतित इधर, एग्जाम को लेकर पेरेंटस भी चिंतित नजर आए। स्टूडेंटस के पास एंट्री गेट पर बार-बार पहुंचकर बात कर रहे थे। इधर, स्टूडेंट ने सेंटर के बाहर ही पैर छूकर माता पिता का आर्शीवाद लिया। एक मां अपने बच्चे को गले लगाकर रोने लगी। कई स्टूडेंटस फोटो नहीं लेकर आए या डॉक्युमेंट नहीं लाए। जिसके लिए माता-पिता दौड़ते रहे। कलेक्टर का स्टूडेंटस के नाम संदेश कोटा कलेक्टर पीयूष सामरिया ने भी बच्चों को एग्जाम के लिए बधाई संदेश दिया है। उन्होंने मैसेज दिया- याद रखें, यह केवल एक परीक्षा है। जीवन की सफलता का अंतिम पैमाना नहीं। आज के समय में आगे बढ़ने के कई अवसर हैं। इसलिए परिणाम को लेकर अनावश्यक तनाव न लें। सफलता और असफलता दोनों ही जीवन का हिस्सा हैं, और हर अनुभव हमें कुछ सिखाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप स्वस्थ और सुरक्षित रहें। आपके परिवार के लिए आपका होना सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर कभी मन तनावग्रस्त महसूस करे तो अपने परिवारजनों से खुलकर बात करें। अपनी भावनाओं को साझा करना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है। अभिभावकों से भी अनुरोध है कि इस समय बच्चों का मनोबल बढ़ाएं, उन्हें सहयोग दें। हर परिणाम को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करें। आप सभी समाज और परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। हिम्मत और उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल होना ही सफलता की पहली पहचान है। कलेक्टर ने किया निरीक्षण जिला कलक्टर पीयूष समारिया एवं पुलिस अधीक्षक कोटा शहर तेजस्विनी गौतम ने शहर के विभिन्न नीट परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का बारीकी से जांच की।