कोटा में बीमारी से तंग आकर एक व्यक्ति ने बेटे की दुकान पर जाकर जहर खा लिया। परिजन कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन मौत हो गई। घटना सिमलिया थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह 8:30 बजे की है। सिमलिया थाना ASI गोवर्धन लाल ने बताया कि ओमप्रकाश (46) निवासी पाचड़ा की झोपड़ियां की मौत हो गई। उनके बेटे विकास ने पुलिस में रिपोर्ट दी है। बेटे ने बताया कि उसके पिता लकवा से परेशान थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। संभवत उन्होंने चूहे मारने की दवा का सेवन कर लिया। भाई बोला-बीमारी के कारण तनाव था मृतक के छोटे भाई हुकमचंद ने बताया कि करीब ढाई साल पहले ओमप्रकाश दुकान पर बेहोश होकर गिर गया था। उसके सिर की नस फट गई थी। इलाज के बाद ठीक हो गया था लेकिन एक हाथ, पैर व सिर के एक हिस्से में पैरालायसिस (लकवा ) हो गया था। पिछले दो साल से ओमप्रकाश काम नहीं कर पा रहा था। उसका इलाज जारी था। बीमारी के कारण ओमप्रकाश मानसिक तनाव में रहता था। पिछले तीन से बेटे की लाइट की दुकान पर जाने लगा था। सोमवार सुबह 8 बजे किसी से लिफ्ट लेकर 4 किमी दूर स्थित बेटे की दुकान पर चला गया। आधे घंटे बाद किसी ने फोन कर ओमप्रकाश के उल्टियां करने की बात बताई। सूचना पर मौके पर गए तब वह अचेत पड़ा हुआ था। बार-बार उल्टियां कर रहा था। उसे इलाज के लिए बारां जिले के अंता हॉस्पिटल लेकर गए। जहां से गंभीर हालत में कोटा रेफर किया गया। देर रात इलाज के दौरान कोटा हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई। मृतक के एक बेटा व एक बेटी है। बेटे की शादी हो चुकी है।