कोटा में रिटायर्ड फौजी की गला घोंटकर हत्या के मामले में नई जानकारी सामने आई है। फौजी की पत्नी का किसी युवक से संबंध था। वो फौजी की गैर मौजूगदी अक्सर महिला के घर आता था। घटना वाले दिन भी युवक अपने दोस्त के साथ फौजी के घर आया, और शराब पार्टी की। इसी दौरान झगड़ा हुआ। युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर फौजी की हत्या कर दी। सारी घटना फौजी की पत्नी के सामने हुई। हत्या का खुलासा न हो, इसलिए महिला ने बच्चों को पहले ही ऊपर के कमरे में सुला दिया था। शुक्रवार सुबह शव के अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली। पुलिस को बिना बताए व कम लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करने पर पड़ोसी को शक हुआ।तब मामला खुला।
सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि आंवली रोजड़ी निवासी (47) का मनोज शर्मा 5 साल पहले फौज से रिटायर हुआ था। अभी अजमेर डिस्कॉम में नौकरी करता था। वह अक्सर वहीं रहता था। मजोज अक्सर छुट्टियों पर कोटा आता था। उसकी पत्नी दीपिका का खेड़ली फाटक निवासी देवेश से संबंध था। रिटायर्ड फौजी के कोटा नहीं होने पर वह दीपिका से मिलने आता था। गुरुवार रात को देवेश एक दोस्त के साथ आया और फौजी के साथ शराब पार्टी की। इस दौरान उनके बीच झगड़ा हो गया। देवेश और उसके दोस्त ने किसी चीज से गला दबाकर फौजी की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों ने उसका गला पूरी तरह से दबा दिया। यह सारा नजारा पत्नी देखती रही, क्योंकि पति के रहने से उसके देवेश से मिलने में दिक्कत होने लगी थी। शुक्रवार सुबह तीनों ने फौजी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी, लेकिन मोहल्लेवालों ने विरोध कर दिया। पिता बृजमोहन की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज किया है। एफएसएल की टीम ने भी मौके पर जांच की है। पत्नी का आरोप-पति मारपीट करता था डीएसपी मनीष शर्मा के मुताबिक पूछताछ में दीपिका ने बताया कि फौजी उसके और बच्चों के साथ आए दिन मारपीट करता था। इससे भी वह परेशान हो गई थी। रात को भी उसने शराब पार्टी के बाद झगड़ा शुरू कर दिया था। इसी दौरान यह सब हो गया। मृतक की बहन उर्मिला जोशी ने बताया कि उनका भाई मनोज रिटायरमेंट के बाद से नई नौकरी ज्वॉइन करके अजमेर रहने लगा था। उसने पसंद की लड़की से शादी की थी। दोनों घर से चले गए थे और अलग रहने लग गए थे। हमारी उससे बोलचाल नहीं थी, लेकिन मां अक्सर बात करती थी। दीपिका अक्सर मनोज से मारपीट करती थी। एक महीने पहले भी उसने बेल्ट से मारपीट की थी। पड़ोसियों ने बताया कि फौजी अक्सर बाहर रहता था। पीछे से एक युवक आता था और रात में भी रुक जाता था। महिला अक्सर गेट बंद रखती थी। वह किसी से बात भी नहीं करती थी। जब फौजी आता था तो वह युवक आना बंद कर देता था। वह भी किसी से बात नहीं करता था। उसके बारे में किसी को अधिक जानकारी नहीं थी। तीनों ने अंतिम संस्कार की सामग्री मंगा ली थी, लेकिन घर से किसी के रोने की आवाज नहीं आई। बेटा भी सामान्य सा दिखा, इसलिए शक हुआ। पड़ोसियों का कहना था कि जब वे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने वाले थे। तब भी केवल चार-पांच लोग ही थे। उन्होंने पड़ोसियों को भी फौजी के मरने की सूचना नहीं दी। इसलिए उनको उन पर डाउट हुआ। जब मोहल्ले के लोगों ने उनको इस बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे बात को टालने लगे और बार-बार कहते रहे कि होने को कौन टाल सकता है। उनके हाव-भाव देखकर मोहल्ले के लोगों को शक हुआ तो उन्होंने फौजी के परिजनों को सूचना दी। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़े- रिटायर्ड फौजी की गला घोंटकर हत्या:ससुराल पक्ष दाह संस्कार की कर रहा था तैयारी, पिता बोले- बहू ने बेटे को मारा कोटा में रिटायर्ड फौजी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पत्नी समेत ससुराल पक्ष दाह संस्कार की तैयारी में जुटे थे। पड़ोसी की सूचना पर पहुंचे पिता ने बहू पर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया। रिटायर्ड फौजी के गले पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस का कहना है कि चोट के निशान देखने पर लगता है कि उसने मरने से पहले काफी संघर्ष किया है। खबर पढ़े