कोटा के सिटी मॉल के स्टोर में लगी आग के कारणों की पड़ताल में नगर निगम और FSL की टीम जुटी हुई है। FSL टीम ने 2 दिन में 12 घंटे जांच की और सैंपल लिए है। जिस एरिया (स्टोर ) में आग लगी, वहां की दीवार पूरी काली हो गई है। स्टोर में ज्यादातर प्लास्टिक, कॉटन, सिंथेटिक, कांच के आइटम, कार एसेसरीज आइटम सहित अन्य ज्वलनशील आइटम थे। जो आग में जलने से दीवार और फर्श पर चिपक गए। इलेक्ट्रिक पैनल, वायरिंग पूरी तरह जल गए। स्टोर में लगे एसी भी लटक गए। इतना ही नहीं स्टोर में कई सारी लोहे की केबिनेट (अलमारी) रखी थी। आग के टेंप्रेचर से कई केबिनेट टेढ़ी हो गई। इन केबिनेट में सामान रखा हुआ था। आग के कारणों की अलग-अलग एंगल से की जांच FSL की एडिशनल डायरेक्टर डॉ.राखी खन्ना बुधवार दोपहर स्टोर पहुंची थी। 3 सदस्य क्राइम सीन टीम का गठन किया गया। टीम घटना वाली जगह (सेकंड फ्लोर) पर गई। टीम ने पहले और तीसरे फ्लोर के कुछ हिस्से को भी जांच के दायरे में लिया। पहले फ्लोर पर ब्रेकरी रेस्टोरेंट है। टीम बुधवार को रात 8 बजे तक घटना स्थल पर रही। 6 घंटे तक जांच की। अगले दिन गुरुवार सुबह 11 से शाम 5 बजे तक भी मौके पर जाकर सैंपल लिए। टीम ने दो दिन में 12 घंटे तक जांच कर सैंपल इकठ्ठे किए। टीम ने आग लगने के कारणों की अलग-अलग एंगल से जांच की। कार एसेसरीज के पास लगा था बिजली बोर्ड शुरुआती जांच में सामने आया कि स्टोर में जिस जगह आग लगी वहां कार एसेसरीज और कॉटन के आइटम रखे हुए थे। वहां बिजली का बोर्ड लगा था। जैसे ही शार्ट सर्किट हुआ कार एसेसरीज व कॉटन के आइटम में आग लग गई, जिसने चंद सेकंड में ही विकराल रूप ले लिया। स्टोर दो बड़े-बड़े हॉल में बंटा हुआ था, जहां एसी के साथ सेन्ट्रल डक्टिंग सिस्टम लगा हुआ था। आग से एसी लटक गए। बिजली का पैनल पूरी तरह से जल गया। वायरिंग भी जल गई। टीम ने वायरिंग के सैंपल लिए। आग की लपटों से पहली और तीसरी मंजिल की दीवारें काली हो गई। भास्कर टीम ने मौके पर जाकर देखा तो मॉल में लोगों की एंट्री बंद थी। मौजूद लोगों से बातचीत की में सामने आया कि स्टोर में फायर स्प्रिंकलर सिस्टम सिस्टम लगा था, जो आग के बाद टेंपरेचर बढ़ने पर तुरंत एक्टिव हो जाता है। पानी अपने आप बाहर निकलने लगता है। स्टोर में आग के बाद फायर स्प्रिंकलर सिस्टम एक्टिव हुआ लेकिन वहां ज्वलनशील आइटम ज्यादा थे। एकदम से आग बढ़ी इसलिए सिस्टम ज्यादा कारगर नहीं हुआ। FSL की एडिशनल डायरेक्टर डॉ.राखी खन्ना ने बताया कि जांच टीम के लिए काफी चुनौतियां थी। आग लगने के बाद मौके पर टेंपरेचर बहुत ज्यादा था। धुएं की वजह से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनी हुई थी। ऐसे में टीम का अंदर जाकर जांच करना संभव नहीं था। टीम ने टेंपरेचर डाउन होने और धुआं कम का इंतजार किया फिर जांच शुरू की। टीम ने दो दिन में 12 घंटे जांच की है फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। ---------------------------- स्टोर में आग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़े कोटा सिटी मॉल में आग से भारी नुकसान,VIDEO:फॉल सीलिंग गिरी; 7 दिन के लिए मॉल बंद; करोड़ों के नुकसान की आशंका कोटा के सिटी मॉल में लगी भीषण आग:फर्स्ट-सेकंड फ्लोर की फॉल सीलिंग गिरी; दमकल की 14 गाड़ियों ने 2 घंटे में काबू पाया कोटा में स्टेशनरी-प्लास्टिक सामान से मॉल में फैली आग:दम घुटने लगा फिर भी 20 दमकलकर्मियों ने पाया काबू; कोचिंग संस्थान तक पहुंचा धुआं-स्टूडेंटूस को निकाला