कोटा में हॉस्पिटल से दिखाकर लौट रहे युवक की कार में तबीयत बिगड़ गई। अचानक उल्टी हुई और युवक ने गेट पर ही दम तोड़ दिया। घटना न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के बाहर बुधवार शाम करीब 5 बजे की है। दोस्त प्रदीप सिंह ने बताया- भोजराज गोचर (40) मूलरूप से बूंदी जिले के गेंडोली थाना क्षेत्र के जयस्थल गांव का निवासी था। वह अभी कोटा के भीमगंज मंडी थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी कॉलोनी इलाके में रहता था। भोजराज को बुधवार दोपहर 3 बजे घबराहट हुई थी। इस पर भोजराज ने फोन करके अपने छोटे भाई को घर बुलाया। छोटा भाई भोजराज को कार में बैठाकर इलाज के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया। साथ में भोजराज का 14 साल का बेटा भी था। हॉस्पिटल में डॉक्टर ने कुछ जांचें लिखी। जांचें नॉर्मल आईं। डॉक्टर ने एक महीने की दवाई लिखी। तब तक सब ठीक था। तीनों कार में बैठकर हॉस्पिटल से घर लौट रहे थे। हॉस्पिटल के गेट से बाहर निकलकर कुछ मीटर ही चले थे। अचानक से भोजराज की कार में तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टी हुई। छोटा भाई और बेटा उसे वापस हॉस्पिटल ले आए। ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित किया। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। दोस्त ने कहा- बीमार नहीं था दोस्त प्रदीप सिंह ने बताया- भोजराज सुपारी भी नहीं खाता था। फरवरी महीने में भोजराज को सीने में हल्का दर्द हुआ था। उस समय ईसीजी करवाई थी। थोड़ी बहुत दिक्कत बताई थी। भोजराज को बीमारी जैसा कुछ नहीं था। संभावतया साइलेंट अटैक से भोजराज की मौत हुई है। मौत के वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे। भोजराज प्राइवेट जॉब (आयुर्वेद और एग्रीकल्चर के सामान बेचने) का काम करता था। पुलिस ने कहा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बीमारी का पता लगेगा महावीर नगर थाना ASI रामहेत ने बताया- युवक को इलाज के लिए परिजन हॉस्पिटल लाए थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद वापस लौट रहा था। रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी, उसे चक्कर आ गए। वापस हॉस्पिटल आकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के बाद ही बीमारी का पता लगेगा। हो सकता है कि युवक को पहले कोई बीमारी हो। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।