कोटा में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों का हर पांच साल में ट्रेनिंग और मूल्यांकन होना चाहिए। इससे उनकी योग्यता और विद्यार्थियों को दिए जा रहे ज्ञान का आकलन हो सकेगा। उन्होंने कहा- इस व्यवस्था से किसी शिक्षक की नौकरी या पेंशन प्रभावित नहीं होगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी। राज्यपाल ने गुरुवार को कोटा में शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए यह कहा। कृषि विश्वविद्यालय और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली की ओर से स्वस्थ और शिक्षित महिला सशक्त राष्ट्र विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। नयापुरा स्थित सियाम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने किया। महिलाएं दो परिवारों का संतुलन बनाती राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और आने वाले 25 वर्षों में कई विभागों में उनकी भागीदारी पुरुषों से भी अधिक हो सकती है। उन्होंने कहा- महिलाएं दो परिवारों का संतुलन बनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देती हैं। बागडे ने डमी स्कूलों की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताते हुए अधिकारियों को इसकी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। महिलाओं के पोषण पर की चर्चा कार्यशाला में महिला स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सशक्तिकरण जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा हुई। इसमें कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों से 300 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं और जैविक खेती से जुड़े किसानों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल भी मौजूद रही।