दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से हुई कर्मचारी की मौत के मामले में आखिरकार 20 घंटे के लंबे गतिरोध के बाद सहमति बन गई है। इस दुखद हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच चले आ रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। मामला कोटपूतली के मारुति नेक्सा वर्कशॉप पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे का है। काम करते समय कर्मचारी मोहर सिंह मीणा (32) की मौत हो गई थी। लिखित आश्वासन के बाद बनी सहमति घटना के बाद से ही आक्रोशित परिजन और ग्रामीण वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठ गए थे। परिजनों की मांग थी कि कंपनी मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दे और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाए। करीब 20 घंटे तक चले संघर्ष के बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों ने परिजनों की सभी मांगों पर सहमति जताते हुए उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए लिखित में आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव सहमति बनने के बाद पुलिस ने मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके पश्चात परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है कि वर्कशॉप में कार्यरत युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर पिछले 20 घंटों से वर्कशॉप के बाहर धरने पर बैठे थे। इस दौरान वे भूखे-प्यासे रहकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। प्रशासन और पुलिस की समझाइश और कंपनी प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद ही वे शव लेने को तैयार हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में शांति है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कंपनी में गाड़ियों की सफाई करता था मोहर सिंह कोटपूतली में NEXA कंपनी में कंपनी में गाड़ियों की सफाई करने का काम करता था। गुरुवार दोपहर तीन बजे कंपनी में काम करते समय मोहर सिंह मीणा (32) करंट की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल जिला राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्टार्टर में आ रहा था करंट मोहर सिंह के साथ काम करने वाले अजय कुमार मीणा ने बताया- काफी दिनों से पानी की मोटर के स्टार्टर में करंट आ रहा था बार-बार मैनेजर संतोष कुमार को अवगत कराने के बाद भी उसको सही नहीं करवाया। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर परिजन राजकीय बीडीएम अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। तीन बार हुई वार्ता विफल रही मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों के साथ अब तक दो से तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे हैं। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और कंपनी के कर्मचारियों ने परिजनों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया था। मोहर सिंह मीणा कोटपूतली के वार्ड 32 बूचाहेड़ा मोहल्ले में रहता था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। मोहर के दो बेटियां और एक बेटा है।