कोटपूतली-बहरोड़ और आसपास के इलाकों में करीब 10 दिन से चल रहे सूखे और उमस भरे मौसम के बाद सोमवार सुबह 4 बजे से बारिश शुरू हुई। इस बारिश ने गर्मी से झुलस रही बाजरे की फसल को नई जिंदगी दे दी है। जुलाई में यूं बरसे बादल कोटपूतली क्षेत्र में जुलाई महीने में रुक-रुककर बारिश होती रही। 2 जुलाई को शाम को 14 मिमी, 3 जुलाई को 14 मिमी, 6 जुलाई को 8 मिमी, 7 जुलाई को 2 मिमी और 8 जुलाई को 4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 9 जुलाई को शाम को 2 मिमी, 10 जुलाई को 1 मिमी और 11 जुलाई को 5 मिमी बारिश हुई। बीच के दिनों में बारिश थमने से गर्मी और उमस ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन सोमवार की बारिश ने राहत दी। किसानों बोले- अब अच्छी पैदावार की उम्मीद मान्यवाली गांव के किसान रामचंद्र, रेखाराम, गिरधारी और रामनिवास ने बताया कि इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इस साल अच्छी पैदावार होने की संभावना है। बाजरे और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार में भी अब तेजी आएगी। किसान किशन लाल और हरदयाल ने बताया कि अगर मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो इस साल कृषि उत्पादन बढ़ेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पूरे क्षेत्र में खुशहाली का माहौल बनेगा। तालाबों और चारागाहों को भी फायदा बारिश से गांव के तालाबों, जोहड़ों और छोटे जल स्रोतों में पानी की आवक शुरू होने की संभावना है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। पशुपालकों ने भी बारिश का स्वागत किया, क्योंकि इससे चारागाहों में हरियाली बढ़ेगी और पशुओं के लिए हरा चारा आसानी से मिल सकेगा। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। बच्चों ने बारिश का जमकर आनंद लिया, वहीं ग्रामीणों ने भी बदले मौसम का स्वागत किया।