पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के तहत पीकेसी मुख्य कैनाल का कार्य लालसोट क्षेत्र में जल्द शुरू होगा। परियोजना के लिए लालसोट तहसील के पांच गांवों में 111.80 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को लेकर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसमें परियोजना को उपयुक्त और आवश्यक बताया गया है। मुख्य कैनाल लालसोट क्षेत्र के पांच गांवों से होकर गुजरेगी। जानकारी के अनुसार, यह नहर करीब 75 मीटर से अधिक चौड़ी होगी, जिसके एक तरफ पक्की सड़क और दूसरी तरफ कच्चा रास्ता बनाया जाएगा। परियोजना के दूसरे चरण में मुख्य कैनाल से पूर्वी राजस्थान के बांधों को जोड़ने का काम भी शुरू किया जाएगा। लालसोट में एसडीएम ने की बैठक इस संबंध में लालसोट में एसडीएम विजेंद्र मीणा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आरडब्ल्यूजीसीएल के प्रबंधक बलजीत सिंह, तहसीलदार राजेंद्र मीणा, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बालबक्स मीणा, पीएचईडी के सहायक अभियंता जालंधर मीणा, रेंजर रामकिशन मीणा और सहायक कृषि अधिकारी चरतलाल मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। ईसरदा से खुराचैनपुरा होते हुए बंध बरेठा (भरतपुर) तक प्रस्तावित फीडर निर्माण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। तहसील लालसोट क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में परियोजना को उपयुक्त और आवश्यक बताया है। इन पांच गांवों की जमीन शामिल परियोजना के लिए तहसील लालसोट के पांच राजस्व गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इनमें देवल्दा (24.366 हेक्टेयर), बाढ़ कल्याणपुरा (30.086 हेक्टेयर), कल्याणपुरा (16.442 हेक्टेयर), अचलपुरा (18.024 हेक्टेयर) और बिलौना खुर्द (22.882 हेक्टेयर) शामिल हैं। समिति ने अपनी जांच में पाया कि परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि न्यूनतम और आवश्यक है। वैकल्पिक भूमि का परीक्षण किया गया, लेकिन वह व्यवहार्य नहीं पाई गई। क्षेत्र में पूर्व से अर्जित कोई अप्रयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है, और बंजर/शुष्क भूमि के विकल्प भी उपयुक्त नहीं मिले। समिति ने सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) की भी सिफारिश की है। भूमि अधिग्रहण की आगे की कार्यवाही के लिए संबंधित गांवों की लठ्ठा शीट मंगाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन ग्रामों की लठ्ठा शीट शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए।