राजधानी में ट्रांसपोर्ट और ऑटोमोबाइल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए विकसित की गई ट्रांसपोर्ट नगर योजना 19 साल बाद भी जमीन पर पूरी तरह नहीं उतर पाई है। सीकर रोड स्थित जोन-13 की इस योजना में जेडीए ने दो चरणों में 2314 भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन अब तक केवल 10 फीसदी आवंटियों ने ही निर्माण किया है। 90% भूखंड खाली पड़े हैं। अब जेडीए ने ऐसे आवंटियों को अंतिम नोटिस जारी कर तीन माह में निर्माण शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में निर्माण शुरू कर इसकी सूचना जोन कार्यालय में नहीं दी गई तो भूखंडों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। जेडीए ने वर्ष 2007 में 252.79 हेक्टेयर क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर योजना विकसित की थी। यह शहर में बिखरी ट्रांसपोर्ट, मोटर रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल और संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को एक जगह व्यवस्थित कर हब बनाने की योजना थी। शर्तों के अनुसार आवंटन के तीन साल के भीतर भूखंड पर निर्माण करना जरूरी था, लेकिन अधिकांश अब तक नहीं किया। शहर में भारी वाहनों का दबाव नहीं होता ट्रांसपोर्ट नगर योजना कुल क्षेत्रफल : 252.79 हेक्टेयर वर्ष 2007 : 1111 रुपए प्रति वर्गमीटर दर से 1346 भूखंड आवंटित वर्ष 2018 : 13500 रुपए प्रति वर्गमीटर दर से 968 भूखंड आवंटित कुल आवंटी : 2314 इन एसोसिएशन से जुड़े आवंटियों को भूखंड दिए गए थे जिन आवंटियों ने अब तक निर्माण नहीं किया है, उन्हें तीन माह में निर्माण शुरू कर जोन कार्यालय को सूचना देनी होगी। वरना आवंटन निरस्त किया जाएगा। नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। -सिद्धार्थ महाजन, जेडीसी