डूंगरपुर| बुद्ध पूर्णिमा के दिन शुरू हुई वन्यजीव गणना दूसरे दिन शनिवार को पूरी हुई। विभाग के प्रारंभिक आंकलन के अनुसार जिले में पैंथर, मगरमच्छ, सारस, नील गाय और सियारों की संख्या सहित सभी श्रेणी के वन्यजीवों के बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि वास्तविक स्थिति गणना रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। एसीएफ गौतमलाल मीणा ने बताया शनिवार को निठाउवा वनक्षेत्र के वाटर पॉइंट पर रात को करीब 12 बजे पानी पीने के बाद तेंदुआ (लेपर्ड) दहाड़ता हुआ कैमरा में कैद हुआ। इससे पहले रात को 10 बजे भी पैंथर देखा गया। जिले के सभी 6 रेंज में पैंथर की पुष्टि होने की संभावना है। पिछले साल जिले में 44 पैंथर गणना में घोषित हुए थे, इस बार पैंथर शावकों के साथ भी देखा गया है। वर्ष 2014 में वन्यजीव गणना को सुव्यवस्थित तरीके से शुरू किया गया था। उस समय की गणना के अनुसार जिले में पैंथरों की संख्या न के बराबर थी, फिर इसके बाद वर्ष 2015 में 2018 में 6 पैंथर और वर्ष 2022 में 21 पैंथर वन्यजीव गणना में गिने गए थे। पर वर्ष 2024 में इनकी संख्या 18 हो गई थी इसके बाद एक साल में ये संख्या 46 हो गई। इस वर्ष ये संख्या 50 के पार जाने की संभावना है।