राज्य सरकार ने समान सिविल संहिता (UCC) पर बिल लाने से पहले जनता से सुझाव लेने शुरू कर दिए हैं। जनता से सुझाव लेने के बाद बिल का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। यूसीसी बिल विधानसभा के अगले सत्र में रखा जाएगा। यूसीसी के लिए बनी समिति ने जनता से ऑनलाइन और जनसुनवाई के जरिए 19 सवालों के जवाब मांगे हैं। यूसीसी बिल में लिव इन में रहने वालों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रावधान होगा। यूसीासी बिल में सभी धर्मों में तलाक और संपत्ति पर अधिकार के एक जैसे कानूनी प्रावधान करने की तैयारी है। यूसीसी ​के लिए जनता से मांगे गए सुझावों में सबसे ज्यादा सवाल लिव इन इन रिश्तों पर है। लोगों से लिव इन में रहने वाले कपल का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और लिव इन रिश्ता खत्म होने पर तलाक जैसे प्रावधान लागू करने पर भी राय पूछी गई है। लिव इन रिलेशनशिप, तलाक पर ज्यादा सवाल जनता से मांगी गई राय में सबसे ज्यादा सवाल लिव इन रिलेशन पर हैं। शादी, तलाक पर भी कई सवाल हैं। यूसीसी पर बनी समिति ने जनसुनवाई के जरिए भी ले रही सुझाव यूसीसी के लिए बनी हाईपावर कमेटी के मेंबर संभाग मुख्यालयों पर जाकर लोगों से सुझाव ले रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी जनसुनवाई के जरिए भी UCC पर सुझाव ले रही हैं। समिति ने लोगों को SMS भेजकर भी सुझाव देने की अपील की है। 25 जुलाई तक दे सकते हैं ऑनलाइन सुझाव समान सिविल संहिता (UCC) पर आने वाले बिल पर ऑनलाइन सुझाव दे सकते हैं। 25 जुलाई तक सुझाव देने की समय सीमा तय की गई है। इसके लिए अलग से पॉर्टल बनाया है। कोई भी https://ucc.rajasthan.gov.in पर सुझाव दे सकते हैं। जयपुर में 10 और 11 जुलाई को सुनवाई करेगी समिति यूसीसी पर बनी समिति के मेंबर संभाग मुख्यालयों पर जाकर जनसुनवाई के जरिए लोगों से सुझाव ले रहे हैं। समिति के मेंबर शत्रुघ्न सिंह 10 और 11 जुलाई को जयपुर में जनसुनवाई करेंगे। समिति मेंबर बसंत सिंह छाबा 7 जुलाई को अजमेर में जनसुनवाई करेंगे, छाबा 13 और 14 जुलाई को उदयपुर में जनसुनवाई करेंगे। मेंबर रामस्वरूप अग्रवाल कोटा में 7 से 8 जुलाई और भरतपुर में 9 से 10 जुलाई को जनसुनवाई करेंगे।