लाल कृष्ण आडवाणी का आज 99वां जन्मदिन है। पीएम मोदी ने उनके लिए विशेष चिट्‌ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवनयात्रा के बारे में लिखा है। साथ ही उन्होंने आडवाणी के बेहतर स्वास्थ्य और दीघार्यु की प्रार्थना भी की है। उन्होंने लिखा- 8 नवंबर 1927 को देव दीपावली के दिन कराची में जन्मे आडवाणी का जीवन आधुनिक भारत के अनेक ऐतिहासिक अध्यायों का साक्षी रहा है। 1947 में विभाजन की त्रासदी ने उन्हें अपना घर और परिचित परिवेश छोड़ना पड़ा। प्रभु श्रीराम और दीपोत्सव के साथ जुड़ा यह दिन इसलिए भी विशेष है कि इसी वर्ष हम जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी आडवाणी के जन्मदिन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह कार्यक्रम भाजपा मुख्यालय में होगा। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा और हवन से होगी। आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा की, लेटर की 4 बड़ी बातें ‘सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, निजी जिंदगी में सादगी’ उन्होंने लिखा, आडवाणी जी ने अपने आचरण से हमेशा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। जबकि, सादगी और संवेदनशीलता उनका एक विशेष पक्ष है। वे अध्ययनशील हैं, इतिहास, साहित्य, सिनेमा और रंगमंच में गहरी रुचि रखते हैं। उनकी पुस्तक ‘माई कंट्री माई लाइफ’ उनके अनुभवों और ऐतिहासिक दृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। अपनी सिंधी संस्कृति से उनका जुड़ाव और सिंधु दर्शन को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान भी उल्लेखनीय है। उनकी इस लंबी यात्रा में कमला आडवाणी जी का योगदान भी अविस्मरणीय है। वे हर परिस्थिति में उनकी शक्ति और संबल बनी रहीं। राष्ट्र के प्रति उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके जीवनभर के राष्ट्रसेवा के समर्पण के प्रति देश की कृतज्ञता का प्रतीक है। मोदी ने बताईं 2 बातें पहली- उनकी वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक प्रखरता। उनके भाषण, लेखन और संसदीय हस्तक्षेप विचारों की गहराई और अभिव्यक्ति की सटीकता के उदाहरण हैं। दूसरी- छद्म धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध निर्भीकता से अपनी बात रखी और राष्ट्र प्रथम के विचार को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित किया। जनसंघ से लेकर भाजपा तक उन्होंने कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियां तैयार कीं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।