किसानों को बड़ी राहत देते हुए कोटा में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भरोसा दिलाया है कि एमएसपी पर हर किसान का गेहूं खरीदा जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि खरीद केंद्र तब तक बंद नहीं किए जाएं, जब तक निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता। बिरला ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं आने दी जाएगी और पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी जाएगी। कोटा-बूंदी क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद को सुचारू और तेज बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सीएडी सभागार में समीक्षा बैठक ली। बैठक में एफसीआई, राजफैड, तिलमसंघ, एनसीसीएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जब तक जिले का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो, तब तक कोई भी खरीद केंद्र बंद नहीं किया जाए। गेहूं के उठाव और गोदामों में अनलोडिंग की गति तेज करने के निर्देश बिरला ने कहा कि मंडियों और क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी स्थिति में खाली हाथ नहीं लौटना पड़े। एमएसपी पर गेहूं बेचने में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगामी दिनों में खरीद बढ़ने की संभावना को देखते हुए गेहूं के उठाव और गोदामों में अनलोडिंग की गति तेज करने के निर्देश दिए। कोई भी वाहन दो दिन से ज्यादा खड़ा न रहे एफसीआई गोदामों के बाहर ट्रकों की लंबी कतारों पर नाराजगी जताते हुए बिरला ने कहा कि कोई भी वाहन दो दिन से ज्यादा खड़ा न रहे, इसके लिए लेबर बढ़ाई जाए। साथ ही, एक रैक क्षमता का गेहूं खरीदते ही उसे रेलवे यार्ड तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए, ताकि समय पर परिवहन हो सके। बारदाने की कमी के कारण नहीं होनी चाहिए तुलाई प्रभावित लॉजिस्टिक व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बारदाने की कमी के कारण तुलाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खराब बारदाना मिलने पर उसे तुरंत बदलने को भी कहा गया। बिरला ने मंडियों में तुलाई कांटों की संख्या बढ़ाने, किसानों के लिए छाया, पानी और तिरपाल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर पीयूष सामरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।