राजस्थान से अवैध रूप से गुजरात में शराब सप्लाई कर रहे माफिया ने अब तस्करी का नया जाल बुना है। बांसवाड़ा जिले में सीमावर्ती सल्लोपाट थाना क्षेत्र में माफिया ने ‘छोटी खेप, बड़ी तस्करी’ का लो-प्रोफाइल मॉडल तैयार किया है। अफसरों की मिलीभगत से शराब के सरकारी गोदाम को ही उठाकर गुजरात बॉर्डर पर शिफ्ट कर दिया है। वहां से दिन-रात दोपहिया वाहनों के जरिए थैलों में भरकर शराब को गुजरात पहुंचाया जा रहा है। भास्कर की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। पड़ताल के दौरान सामने आया कि शराब का सरकारी गोदाम पहले चार रास्ता चौराहे पर था। यह गुजरात बॉर्डर से 7 और सल्लोपाट पुलिस थाने से 3 किलोमीटर दूर था। गुजरात में रविवार को होने वाले पंचायत चुनाव से ठीक 15-20 दिन पहले इसे उठाकर गुजरात बॉर्डर पर एक मकान में शिफ्ट कर दिया गया। अब गुजरात बॉर्डर से तो यह गोदाम केवल एक किलोमीटर दूर रह गया है जबकि सल्लोपाट थाने से दूरी अब बढ़कर करीब 9 किलोमीटर हो गई है। यानी थाने से बहुत दूर और गुजरात के बहुत पास हो गया है। बता दें कि गुजरात ड्राई स्टेट है, जहां शराब पर प्रतिबंध है। इसीलिए वहां राजस्थान के विभिन्न रूटों से अवैध रूप से शराब पहुंचाई जाती रही है। गुजरात में रविवार को पंचायत राज चुनाव होने हैं। सूत्रों का कहना है कि चुनाव में वितरण के लिए वहां शराब की डिमांड व सप्लाई बढ़ गई है। परचूनी सामान के थैलों में बोतलें भरकर अंदरूनी रास्तों से तस्करी भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि मकान में शिफ्ट किए गए गोदाम से परचूनी सामान के थैलों में भरकर शराब की बोतलें गुजरात की ओर भेजी जा रही थीं। हर 10 से 15 मिनट में एक बाइक पर दो थैले लादकर रवाना किए जा रहे थे। भास्कर टीम ने पीछा किया तो पता चला कि तस्कर गांवों के कच्चे और अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे जहां न तो नियमित पुलिस गश्त होती है और न ही सख्त निगरानी। ऐसे में यह पूरा इलाका अवैध शराब के लिए ‘खुला कॉरिडोर’ बन गया है। विधायक ने कहा- मेरी गाड़ी रोकी, तस्करों की नहीं इधर, बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल ने आरोप लगाया कि शुक्रवार तड़के अवैध शराब से भरा ट्रक गुजरात जा रहा था। आनंदपुरी थाना क्षेत्र में चैक पोस्ट पर मेरी गाड़ी को तो पुलिस ने रोका, ट्रक को नहीं रोका। वहीं, बांसवाड़ा के जिला आबकारी अधिकारी राजीव कुमार का कहना है, एक बार में 12 लीटर तक खरीद का नियम है लेकिन गुजरात भेजी जा रही है तो जांच करवाएंगे।