देशभर में आज महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी, लेकिन मेवाड़ में 17 जून को पारंपरिक आयोजन होंगे। मेवाड़ में महाराणा प्रताप जयंती तिथि के अनुसार मनाने की सदियों पुरानी परंपरा बनी हुई। इस अवसर पर सात दिवसीय कार्यक्रम होंगे, जिनमें शोभायात्रा, अश्व पूजन और वीरों का स्मरण शामिल है। महाराणा प्रताप की जयंती मेवाड़ तिथि के अनुसार ही मनाता है लेकिन देश भर में इसे 9 मई के रूप में मनाया जाता है। मेवाड़ राजपरिवार ने एक अपील जारी कर कहा कि प्रताप जयंती तो तिथि के अनुसार 17 जून को मनाई जाएगी। असल में गूगल पर सर्च करते ही महाराणा प्रताप की जयंती 9 मई को ही मनाने का आता है। यही नहीं सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर 9 मई की तारीख ही आती है और इसी तारीख से सभी प्रताप जयंती की शुभकामनाएं भी जारी करते हैं। मेवाड़ में 17 जून को मनाई जाएगी प्रताप जयंती बात करें मेवाड़ की तो मेवाड़ में सालों से महाराणा प्रताप जयंती ग्रेगोरियन कैलेंडर में अंग्रेजी तारीख से नहीं, बल्कि हिन्दू पंचांग की तिथि के आधार पर मनाने की परंपरा है। मेवाड़ में प्रताप जयंती पारंपरिक रूप से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है और इस बार यह तिथि 17 जून को है और उसी दिन प्रताप जयंती मनाई जाएगी। लक्ष्यराज सिंह ने एक्स पर किया पोस्ट मेवाड़ राजपरिवार के पूर्व सदस्य डा. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने शुक्रवार को एक अपील अपने सोशल मीडिया पेज पर जारी करते हुए कहा​ क प्रताप जयंती 17 जून को मनाई जाएगी। मेवाड़ ने वीडियो के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे समस्त पावन अवसर– चाहे वे पर्व हों, शुभ मुहूर्त हों, महापुरुषों की जन्म तिथियां हों अथवा पुण्य तिथियां, मूलतः सनातन संस्कृति की शाश्वत कालगणना में हैं। मेवाड़ ने पोस्ट के साथ यह भी लिखा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि विगत वर्षों में महत्वपूर्ण उत्सवों को विक्रम संवत तिथियों के अनुसार मनाने के हमारे निरंतर प्रयासों को केंद्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा आधिकारिक मान्यता एवं स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए, आइए हम राष्ट्र के गौरव प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती को ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को श्रद्धा, सम्मान एवं गौरव के साथ मनाएं, जो इस साल बुधवार, 17 जून 2026 को है। कैलेंडर का अनुसरण करते हैं उन्होंने लिखा कि जब हम सामूहिक रूप से अपनी पारंपरिक कालगणना और कैलेंडर का ससम्मान अनुसरण करते हैं, तब हम केवल परंपरा का पालन नहीं करते, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान, स्वाभिमान एवं विरासत को और अधिक सुदृढ़ एवं जीवंत बनाते हैं। तिथि वाले दिन ही होते आयोजन उदयपुर में प्रताप जयंती के कार्यक्रम तिथि के अनुसार जो दिन आता है उसी दिन होते है। इस बार ये आयोजन 17 जून को होंगे। इसमें शोभायात्रा, अश्व पूजन, महाआरती और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। महाराणा प्रताप स्मारक मोतीमगरी पर भी कार्यक्र्म होता है और वहां प्रताप को पुष्पांजलि दी जाती है। प्रताप जयंती पर 9 मई को कई आयोजन राजस्थान में प्रताप जयंती मेवाड़ तिथि से मनाता है लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तिथि 9 मई है ऐसे में राजस्थान में इस आयोजन को लेकर कई कार्यक्रम प्रस्तावित है।