जयपुर में जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक विज्ञान केंद्रों से लेकर आजादी के बाद बने 30-35 से ज्यादा विश्वविद्यालयों तक, शिक्षा की परंपरा गहरी है। चार-पांच संस्थान NIRF टॉप 100 में हैं। UP, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार तक से लाखों छात्र यहां पढ़ने आ रहे हैं। वजह साफ है – बेहतर गुणवत्ता, सुरक्षित माहौल, अच्छा करियर और पेरेंट्स की पसंद। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के प्रेसिडेंट डॉ. एनएन शर्मा, ने कहा कि 2011 में सिर्फ 250 छात्रों से शुरू हुई यात्रा आज 20,000 ऑन-कैंपस छात्रों तक पहुंच गई है। पूरे भारत से छात्र आते हैं। मणिपाल ब्रांड की 75 साल पुरानी लिगेसी यहां लाई गई है। संस्थापक डॉ. टीएमए पाई ने भारत का पहला प्राइवेट मेडिकल कॉलेज शुरू किया था। मुख्य मणिपाल यूनिवर्सिटी आज NIRF में तीसरे स्थान पर है। इसी बेस्ट प्रैक्टिस को जयपुर लाकर यहां देश के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक बनाया गया। यूनिवर्सिटी वर्तमान में NIRF रैंकिंग में 58वें स्थान पर है। आधुनिक टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और सहयोग पर मणिपाल का खास फोकस है। 2017-18 में राजस्थान के पहले अटल इनक्यूबेशन सेंटर में से एक यहां स्थापित हुआ। सरकार हर साल ₹1 करोड़ दे रही है। अब तक 75 स्टार्टअप्स इनक्यूबेट हो चुके हैं, जिनमें 15-20 ग्रेजुएट होकर सफल कंपनी बना चुके हैं। स्मार्ट इंडिया सीड फंड से 20-25 स्टार्टअप्स को फंडिंग भी मिल चुकी है। विचार से लेकर कंपनी बनाने तक की पूरी प्रक्रिया (आइडिएशन, न्यूक्लिएशन, स्टार्टअप) यहां सपोर्टेड है। मणिपाल की ग्लोबल लिगेसी और राजस्थान सरकार के साथ मजबूत सहयोग से छात्र सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि उद्यमी बन रहे हैं। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए छात्रों का उज्ज्वल भविष्य तैयार कर रही है।