झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र के किसानों को अब अपनी लहसुन की फसल बेचने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मनोहरथाना कस्बे में जल्द ही लहसुन तुलाई का कार्य शुरू होने जा रहा है। मंडी प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। यह निर्णय किसानों की सुविधा को देखते हुए लिया गया है। बजट घोषणा 2024-25 में मनोहरथाना में लहसुन मंडी की घोषणा की गई थी। यहां का लहसुन उच्च गुणवत्तापूर्ण होने के कारण अन्य मंडियों में भी काफी पसंद किया जाता है। कृषि उपज मंडी प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, लहसुन मंडी का शुभारंभ 20 अप्रैल से कृषि उपज मंडी परिसर में ही किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर मंडी शुरू होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में मनोहरथाना के किसान लहसुन बेचने के लिए पड़ोसी जिले बारां के छीपाबड़ौद और मध्य प्रदेश के मंदसौर सहित अन्य मंडियों में जाते हैं। इस कारण उन्हें लंबी दूरी तय करने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। मंडी सचिव फूलचंद मीणा ने बताया कि 20 अप्रैल से अनाज मंडी परिसर में लहसुन मंडी शुरू की जा रही है। इसमें किसानों के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं रहेंगी। अधिक संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंचने की स्थिति में मंडी के सामने स्थित जगह की भी सफाई कराई गई है, ताकि कोई अव्यवस्था न हो। बाहर के लहसुन व्यापारियों से भी बातचीत की जा रही है, ताकि मनोहरथाना क्षेत्र के किसानों को उनके लहसुन का अच्छा भाव स्थानीय स्तर पर ही मिल सके। मनोहरथाना क्षेत्र में होता है उच्च गुणवत्ता का लहसुन किसानों के अनुसार मनोहरथाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में लहसुन का उत्पादन किया जाता है। ऐसे में यहां उठी किस्म के लहसुन की बुवाई और उत्पादन सर्वाधिक मात्रा में होने से किसानों को अच्छा लाभ मिलता है, लेकिन इसके बेचने को लेकर जिले में नजदीकी मंडी नहीं होने से अन्य मंडियों में लहसुन बेचने के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में लहसुन से किसानों को अधिक कमाई नहीं होती है। मंडी शुरू होने से स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी। वहीं, किसानों को भी लहसुन की फसल बुवाई के प्रति रूझान बढ़ेगा।