नाथद्वारा : अमावस्या, 14 जुलाई को तिलकायत गिरधरजी का उत्सव। खर्च भंडार में पूर्णिमा 29 जुलाई को आषाढ़ी तौल में काल निर्णय। गुरुवार, 16 जुलाई : शुक्ल पक्ष की द्वितीया को पुरी में वार्षिक रथ यात्रा निकलेगी। प्रदेश में भी कई स्थानों पर भगवान को भ्रमण कराएंगे। भौमवती अमावस मंगलवार, 7 जुलाई : कृष्ण पक्ष अष्टमी को व्रत रखकर काल भैरव की पूजा करेंगे। पूर्वजों के निमित्त दान-पुण्य करने का महात्म्य है। जया पार्वती व्रत बुधवार, 29 जुलाई : इस मास की पूर्णिमा गुरुओं को समर्पित है। मठ-आश्रमों में महंतों-गुरुओं के चरण वंदन कर आशीर्वाद लेंगे। प्रतापगढ़ : केशवराय मंदिर में 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर भगवान श्रीकेशवराय का शयनोत्सव मनाया जाएगा। इसी दिन से चातुर्मास प्रारंभ होकर मांगलिक कार्यों पर विराम लगेगा। मंगलवार, 14 जुलाई : इस अमावस्या पर जलाशयों पर पितरों के निमित्त तपर्ण की परंपरा है। सूर्यग्रहण में किए दान के समान फलदायी है। संकष्ट चतुर्थी शुक्रवार, 10 जुलाई : कृष्ण पक्ष में इस एकादशी पर उपवास करते हैं। पुंडरीकाक्ष का पूजन करें। चरणोदक से अंगमार्जन का विधान है शुक्रवार, 3 जुलाई : कृष्ण पक्ष चतुर्थी पर व्रत करें। भगवान गणेश को दुर्वा और तिल-गुड़ चढ़ाएं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें। रविवार, 26 जुलाई : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को महिलाएं सौभाग्य की कामना से व्रत प्रारंभ करेंगी। पांच दिन तक माता पार्वती की पूजा होगी। बुधवार, 15 जुलाई : आषाढ़ी गुप्त प्रारंभ होंगे। देवी की दस महाविद्याओं की उपासना, तांत्रिक एवं गुप्त साधनाएं की जाती हैं। कालभैरव पूजन योगिनी एकादशी सूर्यदेव मिथुन व कर्क राशि में रहेंगे पंडित कन्हैया शर्मा के अनुसार आषाढ़ में सूर्य मिथुन एवं कर्क राशि में रहता है। सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। ग्रीष्म ऋतु के बाद वर्षा ऋतु शुरू हो जाती है। खरीफ फसलों की बुआई की जाएगी। ऋतु परिवर्तन का महीना है, इसलिए सात्विक भोजन करें, क्योंकि संक्रमण की आशंका ज्यादा रहती है। जगन्नाथ रथयात्रा आषाढ़ का तिथि कैलेंडर संवत 2083 डाउनलोड करने के लिए इस QR कोड को स्कैन करें माह के प्रदोष दोनों ही रवि (रविवार) प्रदोष हैं। पहला 12 जुलाई (कृष्ण पक्ष) और दूसरा 26 जुलाई (शुक्ल पक्ष) का है। हिंदू पंचांग का चौथा महीना आषाढ़ 30 जून को शुरू हो रहा है। इसमें भगवान विष्णु और सूर्य पूजा के बाद खड़ाऊ और नमक दान का महत्व है। 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। भगवान विष्णु के योग निद्रा में जाने से 4 महीने शादी, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। शुक्ल पक्ष द्वितीया को रथयात्रा निकलेगी। गुप्त नवरात्र प्रारंभ शनिवार, 25 जुलाई : शुक्ल पक्ष एकादशी को विष्णु शयन उत्सव मनाएंगे। इस दिन से चार मास तक भगवान क्षीर सागर में शयन करते हैं। भड़ल्ली नवमी बुधवार, 22 जुलाई : शुक्ल पक्ष नवमी को विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्यों का अबूझ मुहूर्त रहेगा। गुप्त नवरात्र की पूर्णाहुति होगी। सांवलियाजी: चतुर्दशी 13 जुलाई को भंडार खोला जाएगा। 14 जुलाई अमावस्या को ब्रह्मभोज, मासिक मेला होगा। 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर रात्रि में बेवाण निकालेंगे। खाटूश्यामजी : कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी 10-11 जुलाई को बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार होगा। 25 जुलाई को शुक्ल पक्ष एकादशी पर भी विशेष पूजा–अर्चना होगी।