पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ जंग छेड़ने वाले एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा (45) की मंगलवार (13 अक्टूबर) सुबह दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब झोटा अपने साथियों के साथ शहर की एक केमिस्ट दुकान पर नशा बेचने का खुलासा करने पहुंचे थे और अपने मोबाइल से फेसबुक लाइव कर रहे थे। करीब 12 मिनट तक चले इस लाइव ड्रामे के दौरान आरोपी केमिस्ट ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से झोटा पर बेहद नजदीक से अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में झोटा के साथ मौजूद उनके साथी भी घायल हुए। इसके बाद केमिस्ट अश्विनी कुमार दुकान बंद कर भाग गया। स्पेशल DGP प्रवीण सिन्हा ने कहा कि हत्या लाइसेंसी पिस्टल से हुई। अश्विनी को हथियार का लाइसेंस कैसे मिला, इसकी जांच होगी। उसके खिलाफ चार केस हैं। इनमें वह एक में बरी हो गया था। पूरे घटनाक्रम का लाइव वीडियो देखने के लिए क्लिक करें घटना के बाद पूरे मानसा शहर में तनाव बढ़ गया, बाजार बंद हो गए। गुस्साए लोगों ने केमिस्ट की दुकान तोड़ दी और पूरा सामान निकालकर बाहर फेंक दिया। इसके बाद सिविल अस्पताल के बाहर पक्का धरना लगा दिया, जो अब तक जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से नशा तस्करों कारोबार कर रहे हैं। इसी का खुलासा होने के डर से झोटा की हत्या की गई है। लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच CBI से करवाई जाए। साथ ही CM भगवंत मान और DGP गौरव यादव इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान भी किया है। मानसा के SSP वैभव चौधरी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। 12 मिनट के फेसबुक लाइव में क्या हुआ DIG बोले- पुरानी रंजिश का मामला मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा - प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह हमला पुरानी व्यक्तिगत रंजिश के कारण किया गया है। आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारी है। हमने मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें बनाई हैं। पुलिस ने आरोपी के एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह बात भी सामने आई कि साल 2023 में झोटा ने इसी आरोपी अश्विनी कुमार को प्रतिबंधित कैप्सूल बेचने के आरोप में पकड़कर जूतों की माला पहनाई थी, और बाजार में घुमाया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस-केस दर्ज किया था। पुलिस इसी कड़ी को रंजिश का आधार मान रही है। परिजन बोले- अंतिम संस्कार नहीं करेंगे बेटे की हत्या के बाद झोटा के घर में मातम छा गया। परिजन ने पुलिस थ्योरी को नकार दिया। सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे झोटा के पिता ने कहा - पंजाब की भगवंत मान सरकार मेरे बेटे को सुरक्षा देने में नाकाम रही। अब मेरे पोते-पोतियों की जान को भी खतरा है। जब तक सरकार इस पूरे मामले की CBI जांच के आदेश नहीं देती और शहर में नशा बेचने वाले बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई नहीं होती, मैं अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करूंगा। वहीं, रोती हुई मां ने बताया कि घर से निकलते वक्त झोटा पैर छूकर गया था। उन्होंने बताया - वह सुबह यह कहकर घर से निकला था कि मां, मेरा खाना तैयार रखना। वह अपनी जान जोखिम में डालकर पंजाब के युवाओं और बेटियों को इस नशे के दलदल से बाहर निकालने की लड़ाई लड़ रहा था। स्पेशल DGP ने मानसा आकर ये बातें कहीं विपक्ष ने सरकार को घेरा, AAP ने दुख जताया शाह पिछले महीने नशा खत्म करने की तारीख देकर गए 30 सितंबर, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में रैली के दौरान पंजाब को ड्रग्स से पूरी तरह मुक्त करने के लिए 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन तय की थी। उनकी इस घोषणा के 13 दिन बाद ही एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या कर दी गई। झोटा मर्डर केस, मां से कहा था-ये मुझे मार देंगे:घर से निकलते समय पैर छुए, कहा- खाना तैयार रखना; पिता बोले- न बेटा बिका, न मैं बिकूंगा