दतवास | ललवाड़ी गांव में धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां दो पीपल वृक्षों का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। इसके साथ ही श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन भी हुआ। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामवासियों में भारी उत्साह देखने को मिला और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। पंडित रामस्वरूप शर्मा के सानिध्य में 4 अप्रैल को कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया था। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करते रहे। कथा समापन के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया, जिसमें दो शालीग्राम भगवान की शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा पतवारी स्थल पहुंची, जहां तोरण द्वार पर वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार दोनों शालीग्राम जी ने तोरण मारकर पीपल वृक्षों के साथ विवाह संस्कार पूर्ण किया। इस अवसर पर एक पीपल वृक्ष का कन्यादान पंडित रामस्वरूप दाधीच द्वारा तथा दूसरे का कन्यादान देवेंद्र दाधीच द्वारा संपन्न कराया गया। विवाह समारोह के पश्चात कथा वाचक चंदनमल शर्मा ने श्रीमद् भागवत कथा की पूर्णाहुति करवाई तथा हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।