करौली जिले के मासलपुर ब्लॉक के भावली गांव में एक्शनएड एसोसिएशन ने बाल विवाह उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सामुदायिक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में संवेदनशीलता मानचित्रण प्रक्रिया के माध्यम से बाल विवाह की आशंका वाले परिवारों और क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते हस्तक्षेप करने की रणनीति पर चर्चा की गई। राजीव गांधी सेवा केंद्र, भावली में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि एक्शनएड एसोसिएशन मासलपुर ब्लॉक में “बाल विवाह रोकथाम एवं उन्मूलन कार्यक्रम” चला रहा है। इसके तहत क्षेत्रीय स्वयंसेवकों के साथ संवेदनशीलता मानचित्रण प्रक्रिया की कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दिया गया। बैरवा ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और लैंगिक असमानताओं से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। इसका सीधा असर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने बाल विवाह रोकने के लिए समुदाय, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न विभागों की साझा भागीदारी को आवश्यक बताया। बैठक में स्वयंसेवकों को समझाया गया कि मानचित्रण प्रक्रिया के जरिए उन परिवारों और क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां बाल विवाह की संभावना अधिक है। इससे समय पर आवश्यक सहायता और हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा सकेगा। स्वयंसेवकों को जागरूकता अभियान चलाने, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं और जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान करने, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पुलिस और प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। कार्यक्रम में अत्यंत गरीब, प्रवासी परिवारों, स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं और किशोरियों से संबंधित जानकारी एकत्र करने पर विशेष बल दिया गया। अंत में उपस्थित प्रतिभागियों ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। बैठक में ब्लॉक समन्वयक गौरव, रामराज गुर्जर, हरिओम, सपना, वसुंधरा मीणा और देवीशंकर सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।