अब जल्द ही आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर के किसी भी कोने में एक भी निजी एम्बुलेंस खड़ी नजर नहीं आएगी। कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। इन एम्बुलेंस चालकों को परिसर से बाहर करने के लिए 25 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। ये होमगार्ड उन संवेदनशील जगहों पर तैनात रहेंगे, जहां निजी एम्बुलेंस अवैध तरीके से खड़ी होकर व्यवस्थाएं बिगाड़ रही हैं। ये गार्ड अपने साथ टायर लॉक (चेन-ताला) रखेंगे। जैसे ही कोई एम्बुलेंस खड़ी मिलेगी, उसके टायर लॉक कर दिए जाएंगे। यह लॉक प्रधानाचार्य या अधीक्षक की स्वीकृति के बाद ही खोला जा सकेगा। प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि हमारी प्राथमिकता है कि बिना अनुमति कोई भी व्यावसायिक वाहन परिसर में अव्यवस्था न फैलाए। चालकों के 2 गुट: मनमानी-रेट को लेकर खींचतान परिसर में सक्रिय एम्बुलेंस चालकों के बीच दो गुट हैं। मेवाड़ एम्बुलेंस संघ के अध्यक्ष बाबूभाई ने बताया कि उनके संघ की 12 एम्बुलेंस हाथीपोल गेट पर खड़ी होती हैं, जबकि अंदर खड़ी होने वाली गाड़ियां उदयपुर एम्बुलेंस संघ की हैं। बाबूभाई का दावा है कि वे 12 रुपए प्रति किलोमीटर लेते हैं, जबकि अंदर वाले चालक 14.50 रुपए लेकर इसे ‘सरकारी रेट’ बताते हैं। एक साल पहले कमीशन के चक्कर में उन्हें वहां से हटाया था। अब पुराने केबिनों को दिखाकर मरीजों को गुमराह किया जा रहा है। दूसरी ओर, उदयपुर संभाग एम्बुलेंस सेवा संघ के अध्यक्ष सादिक ने बताया कि वे वैन के 11 व टवेरा के 12 रु. ले रहे हैं। उन्होंने मांग की कि गरीबों को हटाने के बजाय प्री-पेड सिस्टम बनाना चाहिए। “हमें सबकी सुरक्षा व सुविधा सबसे महत्वपूर्ण लगती है, इसलिए निजी एम्बुलेंस चालकों को बाहर जाना ही होगा। इन्होंने अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था को बिगाड़ कर रखा है। हम पहले नोटिस जारी करेंगे, इसके बाद भी यदि सुधार नहीं होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।” -डॉ. राहुल जैन, प्रधानाचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज