कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में सोमवार देर रात ईसीजी टेक्नीशियन के साथ मारपीट के बाद आज आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में ईसीजी टेक्नीशियन ने दो घंटे सांकेतिक रूप से अपने डिपार्टमेंट में काम बंद रखा। इसके बाद हॉस्पिटल अधीक्षक से मुलाकात कर कर्मचारियों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने की मांग की। मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी। सुरक्षा को लेकर बना रहता खतरा निविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष दिलीप ने कहा कि रात के समय टेक्नीशियन अक्सर अकेले काम करते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। टेक्नीशियन्स ने मांग रखी कि रात की ड्यूटी में स्टाफ बढ़ाया जाए और महिला कार्मिकों की भी तैनाती सुनिश्चित की जाए। अतिरिक्त गार्ड किए जाएंगे तैनात हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ.धर्मराज मीणा ने बताया कि पीड़ित टेक्निशियन का रात में ही मेडिकल करवाकर शिकायत थाने में दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि बिना किसी कारण के टेक्निशियन के साथ मारपीट की गई, जो पूरी तरह गलत है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के समय हॉस्पिटल में चार सिविल गार्ड और दो होमगार्ड तैनात थे लेकिन मरीजों के साथ आई भीड़ ज्यादा होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। अब अतिरिक्त गार्ड तैनात किए जाएंगे, महिला गार्ड भी लगाई जा रही हैं और ड्यूटी सिस्टम में बदलाव किया जाएगा। अधीक्षक ने बताया कि ईसीजी में हमारे पास मेल वर्कर ज्यादा है, फीमेल कम है। ऐसे में रात में मेल वर्कस की ड्यूटी ज्यादा आती है। हॉस्पिटल चौकी पर भी कम स्टाफ अधीक्षक ने बताया कि हॉस्पिटल में चौकी पर भी दो पुलिसकर्मियों की डयूटी रहती है जबकि यहां 15 का स्टाफ स्वीकृत है। इसके लिए भी एसपी को लिखा गया है। साथ ही प्रिसिंपल को भी लिखा है। हॉस्पिटल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्टाफ की कमी दूर करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे। ये था मामला गौरतलब है कि 60 साल की महिला मरीज नूरजा बेगम को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। ईसीजी स्टाफ विष्णु प्रकाश ने बताया कि जैसे ही मरीज को लाया गया, उन्होंने एंट्री की और पूछा कि उनके साथ महिला अटेंडेंट है या नहीं। महिला अटेंडेंट मौजूद थी इसलिए उन्हें अंदर ले लिया गया। स्टाफ ने कपड़ों संबंधी जरूरी निर्देश दिए, जिनका अटेंडेंट ने पालन किया। ईसीजी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी गई। इसी बीच उनके परिजन बाहर आ गए और गलत हरकत का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और मारपीट शुरू कर दी। --- ये खबर भी पढ़िए- छेड़छाड़ का आरोप लगाकर ECG स्टाफ को बेरहमी से पीटा:30 मिनट ठप रही इमरजेंसी, 60 साल की महिला के इलाज के दौरान हुआ हंगामा एमबीएस अस्पताल की इमरजेंसी विभाग में सोमवार देर रात एक मरीज के परिजनों ने ईसीजी स्टाफ को बुरी तरह पीट दिया, जिससे पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। (पढ़िए पूरी खबर)