राजधानी के बहुप्रतीक्षित मेट्रो फेज-2 की आधारशिला शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रख दी। अब टोंक रोड के प्रहलादपुरा से सीकर रोड स्थित टोडी मोड़ तक बनने वाले 41 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का काम डबल रफ्तार से होगा। यह प्रोजेक्ट 4 पैकेजों में पूरा होगा। पहले पैकेज का काम शुरू हो चुका है, दूसरे का टेंडर इसी माह खुलेगा। तीसरे और चौथे के टेंडर अगस्त में खुलेंगे। निर्माण एजेंसियों को प्रत्येक पैकेज का सिविल कार्य 36 महीने में पूरा करना होगा, जबकि पूरी परियोजना के पूरा होने में साढ़े पांच साल लगेंगे। 13,037 करोड़ रुपए की इस परियोजना में खर्च का आधा हिस्सा केंद्र सरकार और आधा राजस्थान सरकार वहन करेगी। तीसरे और चौथे पैकेज के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से वित्तीय सहायता ली गई है। पहले पैकेज का सिविल वर्क शुरू, एयरपोर्ट के 3 किमी भूमिगत सेक्शन का टेंडर 22 को; बाकी दो पैकेज के अगस्त में होंगे सबसे पहले प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक 12 किमी कॉरिडोर बनेगा फेज-1डी जून 2027 तक होगा तैयार मानसरोवर से अजमेर बाईपास (200 फीट रोड) तक फेज-1डी का काम भी तेजी से चल रहा है। 2 किमी लंबे एलिवेटेड ट्रैक पर गर्डर लॉन्चिंग शुरू हो गई है। 400 करोड़ की लागत वाला प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होना था। अब जून 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है। बंबाला पुलिया के पास बनेगा मेट्रो का नया डिपो मेट्रो फेज-2 का डिपो टोंक रोड स्थित बंबाला पुलिया के पास बनेगा। इसके लिए 27 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। यहीं मेट्रो ट्रेनों का मेंटेनेंस होगा और यार्ड भी बनाया जाएगा। खासाकोठी बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन मानसरोवर-बड़ी चौपड़ लाइन पर खासाकोठी में नया स्टेशन बनाया जाएगा। इसके बाद फेज-1 में स्टेशनों की संख्या 11 से बढ़कर 12 हो जाएगी। खासाकोठी पर फेज-1 और फेज-2 के स्टेशन आमने-सामने होंगे। दोनों स्टेशनों को 150 मीटर लंबे फुटओवर ब्रिज से जोड़ा जाएगा। इसके बाद गवर्नमेंट हॉस्टल और चांदपोल के बीच प्रस्तावित स्पर लाइन की जरूरत नहीं रहेगी। खासाकोठी भविष्य में जयपुर मेट्रो का प्रमुख इंटरचेंज हब बनेगा। अंतिम स्टेशन अजमेर बाईपास चौराहे पर बनेगा मेट्रो से प्रतिदिन 60 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। फेज-1सी और फेज-1डी पूरा होने के बाद मेट्रो नेटवर्क 11.3 किमी से 16.3 किमी हो जाएगा। दैनिक राइडर शिप एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।