जिले के ​एमजी अस्पताल में बीते दिनों 7 से 10 जुलाई के बीच हुई चार प्रसूताओं की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को जयपुर से आई वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने सीधे अस्पताल पहुंचकर गायनिक वार्ड का निरीक्षण किया। ​वार्ड की व्यवस्थाओं से लेकर रिकॉर्ड तक की जांच ​जयपुर की इस टीम नेप्रसूताओं के इलाज की प्रक्रिया, केस फाइलों और संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड को भी अपने कब्जे में लेकर बारीकी से जांचा। निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों की टीम ने पीएमओ (प्रमुख चिकित्सा अधिकारी) के कक्ष में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें अस्पताल के गायनिक डॉक्टरों और अन्य अधिकारियों से घटना को लेकर विस्तृत जानकारी और तथ्य जुटाए गए। जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी ​जांच दल के मुख्य सदस्य और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अभिनव अग्रवाल ने इस पूरे मामले को लेकर स्पष्ट शब्दों में कहा की इस पूरे मामले की जांच प्रमुख शासन सचिव स्वास्थ्य के निर्देशों के तहत जा रही है। टीम बहुत ही बारीकी से हर एक पहलू का परीक्षण कर रही हैं। जल्द ही इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित अनुभाग को भेज दी जाएगी। ​जब डॉ. अग्रवाल से प्रसूताओं की मौत के प्राथमिक या विशेष कारणों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि पूरी जांच प्रक्रिया और सभी डॉक्टरों से पूछताछ पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। ​गायनिक डॉक्टरों से पूछताछ ​फिलहाल अस्पताल के गायनिक वार्ड में कार्यरत सभी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से भी पूछताछ कर आवश्यक तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नजरें अब जयपुर की इस विशेषज्ञ टीम की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रसूताओं की मौत के मामले में ये खबर भी पढ़ें… मां दुनिया में नहीं, बकरी का दूध पी रहा नवजात:परिजन बोले- वह दर्द से तड़प रही थी, नॉर्मल डिलीवरी करवाना चाहते थे डॉक्टर बांसवाड़ा में 4 प्रसूताओं की मौत के बाद राज्य सरकार से आई टीम अस्पताल में जांच में जुटी है। 3 प्रसूताओं के परिजन उन्हें ले गए। पूरी खबर पढ़ें…