यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश से गिट्‌टी लादकर आ रहा ट्राला ब्रेक फेल होने से बेकाबू हो गया। ट्राले ने पहले स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, फिर एक ट्रक से जा टकराया। कार, ट्राले और ट्रक के बीच फंस गई। इस दौरान पीछ से आ रही बोलेरो ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो में तेज धमाके के साथ आग लग गई। ड्राइवर समेत नौ लोग जिंदा जल गए। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार थे। इनके अलावा स्विफ्ट कार का ड्राइवर और ट्रक के क्लीनर की भी मौत हो गई। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया- बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना के नरैना गांव के रहने वाले थे। परिवार मैहर से बेटे का मुंडन कराकर लौट रहा था। हादसे में 8 साल के बच्चे और उसकी मां की भी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल ट्रक क्लीनर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू किया। हादसे की 3 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात साढ़े 9 बजे बड़का मोड़ से एक ट्राला गिट्टी लादकर जा रहा था। अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। इसी बीच ट्राले के पीछे चल रही एक बोलेरो भी ढलान से नीचे उतर रही थी। तभी बेकाबू ट्राला स्विफ्ट कार को रौंदते हुए एक ट्रक से टकरा गया। तभी पीछे से आ रही बोलेरो ट्राले से जा भिड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई। आग लगने से बोलेरो में सवार सभी यात्री अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तेजी से बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन, तेज आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीओ लालगंज अमर बहादुर और लालगंज और हलिया थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने हादसे पर दुख जताया बच्चे समेत नौ जिंदा जले, मां-बेटे और बेटी की मौत ------------------- यह खबर भी पढ़ें… ऐशान्या बोलीं- आतंकवाद जब तक जिंदा, इंसाफ अधूरा, पहलगाम में जिंदगीभर का दर्द मिला; पहली एनिवर्सरी तक नहीं मना पाई पहलगाम आतंकी हमला आज से ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को हुआ था। आतंकियों ने नाम और मजहब पूछकर 26 लोगों की हत्या की थी। कानपुर के रहने वाले 30 साल के शुभम द्विवेदी को उनकी पत्नी ऐशान्या के सामने सिर में गोली मारी गई। दो महीने पहले ही शुभम-ऐशान्या की शादी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…