उदयपुर में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में संगीता सुवालका को डॉक्टरेट (PHD) की उपाधि दी गई है। शिक्षा संकाय की शोधार्थी संगीता सुवालका ने 'आरटीई अधिनियम 2011 के अंतर्गत राजस्थान के जनजाति क्षेत्र के निजी विद्यालयों में वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा: यथास्थिति, चुनौतियां और हितधारकों का प्रत्यक्षण विषय पर शोध किया। उन्होंने शोध कार्य राजकीय कॉलेज शिक्षा विभाग के डॉ. ए.के. पालीवाल के निर्देशन में पूर्ण किया। इससे पहले एनसीईआरटी, दिल्ली के शिक्षा विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर शरद सिन्हा ने वाइवा (मौखिक परीक्षा) लिया। शोधार्थी ने अपने शोध के माध्यम से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में प्रवेशित वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा के प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं प्रबंधन के संबंध में एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है।