बरसात के बीच शहर के वार्डों में सड़क, नाली और जल निकासी जैसे जरूरी विकास कार्य दो माह से ठप पड़े हैं। करीब 12 करोड़ रुपए के 27 विकास कार्यों की निविदाएं अब भी फाइलों में अटकी हैं। गुरुवार को नगर परिषद में नई आयुक्त कीर्ति कुमावत से मुलाकात कर ठेकेदार एसोसिएशन ने इन लंबित कार्यों को जल्द शुरू कराने की मांग उठाई। ठेकेदारों ने कहा कि बारिश में निर्माण नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। मुलाकात के दौरान आयुक्त ने जब पूछा कि आखिर दो महीने से टेंडर प्रक्रिया क्यों रुकी हुई है, तो ठेकेदारों ने इसके पीछे कई प्रशासनिक कारण गिनाए। एसोसिएशन के अनुसार निविदाओं को अंतिम रूप देने के लिए आयुक्त और तकनीकी अधिकारी की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं था। निविदा संख्या 3 और 5 के तहत करीब 12 करोड़ रुपए के 27 विकास कार्य लंबित हैं। इनमें विभिन्न वार्डों में सड़क और नाली निर्माण, मिल गेट के बाहर आशीर्वाद सिटी क्षेत्र में पानी निकासी के लिए नाला निर्माण, खुले नालों पर सुरक्षा के लिए लोहे के जंगले लगाना तथा अग्निशमन कार्यालय में रंग-रोगन और मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं। ठेकेदारों ने कहा कि बरसात में इन कामों का नहीं होना सीधे लोगों को प्रभावित कर रहा है। कई वार्डों में जलभराव, टूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नालियां लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। आयुक्त को परेशानी बताते ठेकेदार और तकनीकी अधिकारी।