मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नागौर के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान सीएम शनिवार को डेगाना के तिलानेस गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले। सुबह उन्होंने खेतों का दौरा कर मूंग की फसल देखी और महिलाओं के साथ खेत में फसल की निराई की। इसके बाद सीएम ने गांव का पैदल भ्रमण किया। शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जबकि इससे पहले शुक्रवार रात हुई ग्राम विकास चौपाल में सीएम ने युवाओं, किसानों और पशुपालकों से भी संवाद किया था। खेत में महिलाओं संग किया श्रमदान सुबह मुख्यमंत्री गांव के खेतों में पहुंचे, जहां उन्होंने मूंग की फसल का अवलोकन किया। किसान महिलाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने समय पर निराई करने और वैज्ञानिक पद्धति से खेती अपनाने की सलाह दी। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं भी खेत में उतरे और किसानों के साथ कृषि कार्य का अनुभव साझा किया। गांव में मॉर्निंग वॉक खेत भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने पैदल ही गांव का भ्रमण किया। इस दौरान सीएम ने कई जगह रुककर लोगों से बातचीत की। उन्होंने बुजुर्गों से भी वार्ता की और उनसे केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही। इस दौरानजगह-जगह मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए इंतजार करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया और ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। सीएम बोले- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं इसके बाद तिलानेस गांव की शहीद मोडाराम राजकीय प्राथमिक संस्कृत स्कूल के बाहर आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल के दौरान ग्रामीण रामलाल ने गांव के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा- हर गांव में ऐसे रामलाल मिलते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा- ऐसी बातें मत कहो, जो केवल औपचारिक हों। गांव की वास्तविक जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों की मांग रखो, सरकार उन पर गंभीरता से काम करेगी। ग्रामीणों ने रखी पेयजल-सड़क की मांग चौपाल में ग्रामीणों ने तिलानेस ग्राम पंचायत के किसानों के लिए खेतों में टांकों का निर्माण कराने, ढाणियों तक जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पहुंचाने, किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए रास्ते उपलब्ध कराने, राजकीय संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करने, रामसरी-तिलानेस सड़क निर्माण तथा गांव के तालाब के विस्तार की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों का समग्र विकास और किसानों की आय बढ़ाना है। इसके लिए सिंचाई, पेयजल, सड़क, शिक्षा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस मौके पर जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, डेगाना विधायक अजय सिंह किलक, मेड़ता विधायक लक्ष्मण कलरू, पूर्व सरपंच रामनिवास खटखड़, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष मदन गोरा, मंडल अध्यक्ष विनय भूकर, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, पूर्व संगठन महामंत्री जगवीर छाबा, माधोराम चौधरी, बुद्धाराम गरवा सहित जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। 6 माह में दिन में कृषि बिजली देने का वादा इससे एक दिन पहले शुक्रवार रात 8 से 10 बजे तक तिलानेस में ही ग्राम विकास चौपाल का दूसरा सत्र चला था, जिसमें मुख्यमंत्री ने कृषि, सिंचाई, बिजली, रोजगार और पशुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की थी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि अगले छह माह में नागौर जिले के किसानों को दिन के समय कृषि बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। एक किसान महिला की अपील पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि नागौर में अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा मिलने पर सरकार अश्वगंधा मंडी स्थापित करने पर भी विचार करेगी।