भीलवाड़ा में एसीबी की सेकंड यूनिट ने माणिक्य लाल वर्मा (MLV) कॉलेज के संस्थापन अधिकारी शिव नुवाल को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सिक्योरिटी गार्ड लगाने के ठेके का बिल पास करने और आगे भी काम जारी रखने के बदले रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जांच की और ट्रैप बिछाया। गुरुवार को एक प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर जैसे ही आरोपी ने 40 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को एसीबी कार्यालय ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई। बिल पास करने और आगे काम जारी रखने के बदले मांगी रिश्वत एसीबी के एएसपी नरपत सिंह ने बताया - परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी कॉलेज में मानव संसाधन, कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का कॉन्ट्रैक्ट है। उसका करीब दो महीने का 7.76 लाख रुपए का बिल पास हुआ था। आरोप है कि बिल पास करने और आगे भी काम सुचारु रूप से चलता रहे, इसके लिए शिव नुवाल ने 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में दोनों के बीच 40 हजार रुपए में सहमति बनी। निजी अस्पताल के बाहर ट्रैप, रिश्वत लेते ही रंगे हाथों पकड़ा शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की। गुरुवार को टीम ने एक निजी अस्पताल के बाहर जाल बिछाया। जैसे ही शिव नुवाल ने 40 हजार रुपए की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड लगाने से जुड़े काम के बदले रिश्वत मांगने का भी आरोप है। ACB कार्यालय में पूछताछ जारी गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी शिव नुवाल को कृषि उपज मंडी स्थित ACB सेकंड कार्यालय लेकर पहुंची। वहां उनसे पूरे मामले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। एसीबी अब रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं और मामले की आगे की जांच में जुटी है।