नागौर में वकील संघ ने आवास के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देकर अहीछत्रपुर योजना में भूखंड आरक्षित करने की मांग की। संघ ने 1000 भूखंडों में से 200 से 250 भूखंड वकीलों के लिए रखने की बात कही। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने कबड्डी प्रतियोगिता में घायल महिला कांस्टेबल को 10 हजार रुपये की सहायता दी। दोनों मामलों में अलग-अलग स्तर पर सहयोग और मांग सामने आई है। अधिवक्ताओं ने आवास के लिए रखी मांग वकील संघ ने बालवा रोड स्थित अहीछत्रपुर आवासीय योजना में भूखंड आरक्षण की मांग की। योजना में करीब 1000 भूखंड लॉटरी से दिए जाने हैं। संघ का कहना है कि इनमें से 200 से 250 भूखंड अधिवक्ताओं के लिए तय किए जाएं। आर्थिक परेशानी का मुद्दा उठाया संघ अध्यक्ष डॉ पवन श्रीमाली ने बताया कि वकालत शुरू करने के बाद लंबे समय तक आय तय नहीं रहती। नागौर में करीब 800 अधिवक्ता काम कर रहे हैं, जिनमें से अधिकतर गांवों से हैं और किराए के मकानों में रह रहे हैं। अलग अधिवक्ता कॉलोनी का सुझाव संघ ने भविष्य में अलग अधिवक्ता कॉलोनी बनाने का सुझाव भी दिया है। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री जाबर सिंह खर्रा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ मंजू बागमार, एसडीएम और नगर परिषद आयुक्त को भी भेजा गया है। कई अधिवक्ता रहे मौजूद ज्ञापन देते समय भोपाल सिंह राठौर, विजय बेडा, भंवर लाल सारस्वत, हरिराम खाडिया, महेंद्र मेघवाल, रमेश चौधरी, प्रेम सिंह गोरा और रामदेव निम्बड सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर कर मांग का समर्थन किया। घायल खिलाड़ी को 10 हजार की सहायता दूसरी ओर नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने खेल को बढ़ावा देते हुए महिला कांस्टेबल मंजू चाहर को 10 हजार रुपये की सहायता दी। भीलवाड़ा में 27वीं अजमेर रेंज अंतर जिला पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी मैच में उनके हाथ में फैक्चर हो गया था। प्रतियोगिता में नागौर टीम रही विजेता 28 से 30 मार्च तक भीलवाड़ा में हुई प्रतियोगिता में नागौर की महिला कबड्डी टीम विजेता रही। इसमें अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, ब्यावर और डीडवाना-कुचामन की टीमें भी शामिल हुई थीं। एसपी ने टीम की जीत पर खुशी जताते हुए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही।