फर्जी फसल बीमा क्लेम मामले में आरोपी बीरबल राम कमेडिया को पुलिस ने डिटेन किया है, जबकि उसकी पत्नी बसंती को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंगलवार को बीरबल अपनी पत्नी का नामांकन भरवाने नागौर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था। बसंती ने जिला परिषद के वार्ड 30 से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान फर्जी क्लेम मामले भास्कर द्वारा सवाल पूछने पर मुंह छुपाते हुए जवाब दिए बिना वहां से निकल गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आई। SIT इंचार्ज सुरेश कुमार कस्वा के अनुसार, टीम ने बीरबल कमेडिया के घर पर दबिश दी। वहां से बीरबल और उसकी पत्नी बसंती को पकड़कर थाने लाया गया। पुलिस ने बसंती को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बीरबल को डिटेन किया है। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया ने बताया कि बीरबल राम कमेडिया को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। खातेदारों के नाम पर फर्जी क्लेम उठाने का आरोप जानकारी के अनुसार, मामले में मिलीभगत कर फर्जी बंटाई दार बनकर लाखों रुपए का फसल बीमा क्लेम उठाने का आरोप है। आरोपियों ने खातेदारों के नाम और जमीन की जानकारी दर्ज कर बीमा क्लेम के लिए अपने बैंक खातों के नंबर जोड़ दिए। इससे बीमा की राशि उनके खातों में आती रही। आरोप है कि बीरबल राम कमेडिया की पत्नी, साले, पिता और अन्य रिश्तेदारों के खातों में भी रुपए ट्रांसफर हुए हैं। इन सभी को जांच के दायरे में रखा गया है। मामले की जांच के लिए गठित SIT कार्रवाई कर रही है। अब तक इस मामले में 15 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। भाई और पिता भी जांच के दायरे में बीरबल राम कमेडिया जिला प्रशासन में जिला कलेक्टर और एडीएम प्रशासन के अधिवक्ता रह चुके हैं। उसका छोटा भाई VDO है, जिसे पुलिस ने जांच के दायरे में रखा है। उसके पिता भागीरथ राम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वर्ष 2021 के मामले में चल रही थी जांच इससे पहले नागौर सीओ जतिन जैन ने कहा था कि वर्ष 2021 से जुड़े फर्जी फसल बीमा क्लेम मामले में जांच चल रही है और उस समय बीरबल कमेडिया की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। नागौर सदर थाने में बीरबल, उसकी पत्नी बसंती और अन्य परिजनों के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, पांचौड़ी थाना क्षेत्र में वर्ष 2026 के फर्जी फसल बीमा क्लेम से जुड़े मामलों में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।