नागौर में हाईटेंशन टावर लगाने के लिए गड्डे की खुदाई करते समय अचानक मिट्टी ढहने से सात मजदूर मलबे में दब गए। साथी मजदूरों ने मिट्टी को हटाकर सभी को बाहर निकाला। लेकिन तब तक एक मजदूर की मौत हो चुकी थी। साथी मजदूरों का दावा है कि मृतक नाबालिग था। हादसा जिले के पांचौड़ी थाना क्षेत्र में शाम करीब साढ़े 7 बजे हुआ। मृतक की पहचान भगवान सिंह निवासी बारां के रूप में हुई है। फिलहाल शव को खींवसर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। टावर की खुदाई करते समय हादसा जानकारी के अनुसार- पांचौड़ी क्षेत्र में हाइटेंशन लाइन का काम चल रहा है। इसके लिए जगह- जगह टावर लगाए जा रहे है। एक टावर को लगाने के लिए मजदूरों ने करीब 10 से 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी ढह गई। उसके आसपास मौजूद मजदूर भी गड्ढे में गिर गए। इसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और साथी मजदूरों ने जेसीबी की मदद से मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकाला। लेकिन भगवान सिंह की घटना स्थल पर ही मौत हो चुकी थी। उसके शव को लेकर साथी मजदूर और ठेकेदार खींवसर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां नाबालिग मजदूर को मृत घोषित कर दिया गया। साथियों का दावा- नाबालिग से काम करवा रहा था ठेकेदार साथी मजदूर का कहना है कि ठेकेदार नाबालिग बच्चे से काम करवा रहा था। उसने दावा किया कि भगवान सिंह की उम्र सिर्फ 13 से 14 साल है, जबकि हॉस्पिटल में उसकी उम्र 19 साल लिखवाई गई है। मजदूरों का आरोप है कि बाड़मेर निवासी ठेकेदार मोहन सिंह नाबालिगों से काम करवा रहा था। थानाधिकारी बोले- मृतक की उम्र कंफर्म नहीं पांचोड़ी थानाधिकारी भारमल ने बताया कि मृतक की उम्र अभी कंफर्म नहीं है। उसके परिजन कल पहुंचेंगे, उसके बाद क्लियर हो पाएगा। ठेकेदार के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच शुरू कर दी है।