नागौर में देर रात अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई के बीच नया विवाद सामने आया है। मंगलवार रात पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया। वहीं कार्रवाई से नाराज शराब ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे तो आबकारी विभाग के सीआई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकाते हुए वहां से जाने को कहा। जानकारी के अनुसार, पहली कार्रवाई जोधपुर बाइपास क्षेत्र में हुई, जहां शराब खरीदकर खुले में सेवन करने के आरोप में चार लोगों को पकड़ा गया। इसके बाद रात में कोतवाली थाना क्षेत्र के बीकानेर फाटक ओवरब्रिज के पास स्थित एक शराब दुकान पर पुलिस ने दबिश दी। यहां समय सीमा के बाद शराब बेचने के आरोप में सेल्समैन को हिरासत में लिया गया। दोनों मामलों में कुल पांच लोगों को पुलिस के सुपुर्द किया गया। शराब ठेकेदार ने पुलिस पर लगाया आरोप ठेकेदारों ने क्यूआरटी टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीम ने अंदर सो रहे सेल्समैन सुखाराम जाट को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला और उसके साथ जमकर मारपीट की। इससे सुखाराम गंभीर घायल हो गया। दुकान मालिक ने आरोप लगाया कि बंद पड़ी शराब दुकान पर क्यूआरटी टीम ने गेट तोड़ा और शराब की बोतलें, महंगे ब्रांड के पव्वे सहित आदि सामान तोड़ डाला। दुकान का दरवाजा तोड़ने के कारण आस पास के लोग शराब की बोतलें ले गए। आक्रोशित ठेकेदारों ने देर रात कोतवाली थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आबकारी सीआई ने कहा- दुकानें तोड़ना गलत, केस दर्ज कराएंगे आबकारी सीआई बाबूलाल जलवाणियां ने कहा कि रात आठ बजे बाद पुलिस ठेके बंद करवा सकती है। कार्रवाई कर सकती है इस मामले में हम पुलिस के साथ है। मगर दुकानों को तोड़ना व मारपीट करना गलत है। ऐसी स्थिति में संबन्धित के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। नियमानुसार कार्रवाई होगी। कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, कार्रवाई की गई: सीओ सीओ जतिन जैन ने कहा कि घटना में कोई तोड़फोड़ नहीं की गई, रात 8 बजे बाद खुली दुकानों पर कार्रवाई की गई। मारपीट को लेकर जानकारी नहीं है।