नागौर कृषि उपज मंडी समिति में नए वित्तीय वर्ष के आगमन के साथ ही रबी फसलों की बंपर आवक हुई है, जिसके बाद खरीद प्रक्रिया का दौर शुरू हो गया है। 6 दिन तक मंडी बंद रहने के बाद आज नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन मंडी में किसानों की भीड़ दिखाई दी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारों के बीच प्रशासन ने कारोबार को गति देने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। आज पहले दिन मूंग की ढेरी पर माला चढ़ाकर बोली की शुरुआत की गई और पहली बोली 9151 रुपए रही। मूंग के साथ मसाला फसलों की भी बंपर आवक पिछले सीजन के दौरान मूंग की रिकॉर्ड आवक से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली नागौर मंडी इस बार मसाला फसलों और अन्य प्रमुख रबी जिंसों के व्यापारिक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है। नई व्यवस्थाओं के तहत नीलामी के समय का निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज का अधिकतम लाभ मिल सके। नागौर कृषि मंडी में नए वित्तीय वर्ष की रबी सीजन के लिए फसलों की आवक शुरू हो गई है। मंडी सचिव रघुनाथ राम ने बताया कि किसानों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मूंग की पिछली सीजन में रिकॉर्ड आवक रही थी और नागौर मंडी मूंग की सबसे बड़ी मंडी बनकर उभरी थी, जिसमें एक वित्तीय वर्ष में 13 लाख बोरी मूंग की आवक हुई थी। ​सचिव के अनुसार- जीरा, सौंफ और ईसबगोल की आवक भी नियमित और निर्बाध रूप से चले, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिंसों की नीलामी के लिए सवा 12 बजे का मुहूर्त तय किया गया था, जिससे किसानों को अपने माल की बिक्री में कोई परेशानी न हो। फिलहाल एक्सपोर्ट के माल, विशेषकर मसाला फसलों के भाव में कुछ कमी है। मूंग में एमएसपी पर खरीद बंद होने के बाद माल 1000 से 1500 रुपए की तेजी के साथ बिका है। वर्तमान में मूंग की ढेरियां 9000 से 9200 रुपए तक के भाव पर बिक रही है, जबकि एमएसपी 8768 रुपए थी। सरसों की आवक अभी कम है और चने के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं। मंडी प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि शाम पांच बजे तक नीलामी का काम पूरा हो जाए, जिससे किसान अपने माल का भुगतान पाकर समय पर घर पहुंच सकें।