नागौर मेडिकल कॉलोज के निर्माण में लगातार देरी हो रही है। सात साल में भी पूरा कॉलेज बनकर तैयार नहीं हुआ है। 6 महीने बाद शुरू होने वाले थर्ड ईयर सेशन के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में कलेक्टर देवेंद्र कुमार की ओर से फर्म के साथ उसे कॉन्ट्रैक्ट को सस्पेड करने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ने बताया कि केंद्र सरकार की एजेंसी की ओर से हो रहा ये काम लंबगे समय से बंद पड़ा है। ऐसे में संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का प्रोसेस भी जयपुर में विचाराधीन है। 2019 मे मिली थी स्वीकृति दिसंबर 2019 मे स्वीकृत इस मेडिकल कॉलेज के लिए कुल 325 करोड रुपये का बजट मंजूर किया गया था। निर्माण काम अधूरा होने की वजह से इसका असर मेडिकल स्टूडेंट की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स को भी पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। कलेक्टर ने कहा- कॉलेज में जल्द ही थर्ड ईयर का सेशन शुरू होने वालाी है। इसके लिए हॉस्टल और दूसरी सुविधाएं जरूरी है। यदि वर्तमान ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट सस्पेंड हो जाता है तो नए ठेकेदार को काम देकर इसे जल्द ही पूरा करवाया जाएगा। 6 महीने बाद बढ सकती है दिक्कत मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राचार्य संदीप चौधरी ने बताया कि काम अभी काफी बाकी है। इस एकेडमिक सीजन मे तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन 6 महीने बाद थर्ड ईयर शुरू हो जाएगा। तब तक काम पूरा नहीं हुआ या अधूरा रहा तो दिक्कते आ सकती है। सरकार के स्तर पर प्रयास किए जा रहे है। उम्मीद है कोई समाधान निकल जाए।