नागौर में पांच दिन की देरी के बाद मंगलवार रात करीब 8 बजे मानसून की एंट्री हुई। इससे पहले मानसून पांच दिन तक अजमेर की सीमा पर रुका रहा। शाम को शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही, जिससे शहर की कई सड़कें और निचले इलाकों में पानी भर गया। लंबे इंतजार के बाद मानसून आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे। मौसम विभाग ने आज और कल भी जिले में मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। शहर के कई इलाकों में जलभराव, खेतों में भी भरा पानी बारिश के दौरान शहर के शिवबाड़ी, ए-बी रोड, गांधी चौक, कुम्हारी दरवाजा, बीकानेर रोड सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और कच्चे रास्तों पर पानी भर गया। हालांकि किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से राहत लेकर आई है और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ी है। पिछले डेढ़ दशक में सबसे देरी से पहुंचा मानसून मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में मानसून 7 जुलाई को नागौर पहुंचा, जबकि पिछले साल इसकी एंट्री 28 जून को हुई थी। सबसे पहले वर्ष 2013 में 15 जून को मानसून जिले में पहुंचा था। पिछले डेढ़ दशक में पहली बार मानसून इतनी देरी से नागौर पहुंचा है। मानसून से पहले ही औसत बारिश का 52% कोटा पूरा मानसून की एंट्री में देरी के बावजूद प्री-मानसून बारिश ने जिले को अच्छी राहत दी। जून से अब तक हुई बारिश के कारण नागौर जिले में औसत वर्षा का करीब 52 प्रतिशत कोटा पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस बार खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। अगले दो दिन मध्यम से तेज बारिश के आसार मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार नागौर जिले में अगले दो दिनों तक मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।