कुचामन के राजकीय अस्पताल के पालना गृह में मिले नवजात को डॉक्टरों की तत्परता और लगातार देखभाल से नया जीवन मिला है। मेडिकल टीम ने समय रहते इलाज शुरू किया, जिससे बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसे नागौर के जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल जारी है। पालना गृह की घंटी बजते ही हरकत में आई मेडिकल टीम मामला कुचामन के राजकीय अस्पताल का है। यहां एक अज्ञात महिला नवजात को पालना गृह में छोड़कर चली गई। पालना गृह की घंटी बजते ही प्रभारी और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। नवजात को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसकी जांच कर इलाज शुरू किया गया। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नागौर किया शिफ्ट डॉक्टरों की लगातार निगरानी और इलाज से बच्चे की हालत में सुधार आने लगा। इसके बाद नियमानुसार मामले की सूचना बाल कल्याण समिति, न्यायपीठ नागौर को दी गई। समिति के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य को देखते हुए उसे नागौर के राजकीय जेएलएन अस्पताल परिसर स्थित शिशु गृह में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की देखरेख में सुरक्षित है नवजात फिलहाल नवजात का इलाज और पालन-पोषण नागौर में डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की सेहत पहले से काफी बेहतर है और उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वहीं डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई से एक नवजात को सुरक्षित जीवन मिल सका।