नागौर में सड़क पर गड्ढों को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर किया है। लोढ़ा का चौक से माही दरवाजा, माही दरवाजा से बख्तसागर और माही दरवाजा से तेलीवाड़ा तक करीब 500 मीटर की सड़क उखड़ चुकी है। लोगों का कहना है- यहां 500 मीटर में 500 छोटे-बड़े 500 गड्ढे हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन सवारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोज हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन नगर परिषद और प्रशासन की ओर से अब तक सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भरने से खतरा और बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा बन चुका है। जनप्रतिनिधियों के घर के सामने भी बदहाल सड़क हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र में पूर्व पार्षद नवरत्न बोथरा और पूर्व सभापति मीतू बोथरा का निवास भी है। उनके घर के सामने से गुजरने वाली सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सालों तक नगर परिषद की सत्ता में रहने के बावजूद इस सड़क की सुध नहीं ली गई। व्यवस्था पर उठ रहे सवाल शहरवासियों का कहना है कि नागौर नगर परिषद को पिछले करीब दो वर्षों से स्थायी आयुक्त नहीं मिल पाया है। कभी किसी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है तो कभी किसी और को। वर्तमान में एसडीएम गोविंद सिंह भींचर के पास नगर परिषद का अतिरिक्त जिम्मा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन शहर के अंदर की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। कई लोग हो चुके घायल, बड़े हादसे का डर स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं करवाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लोढ़ा का चौक, माही दरवाजा, बख्तसागर और तेलीवाड़ा मार्ग का तत्काल सर्वे कराया जाए और आपात स्तर पर सड़क मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।